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विकास के हाईवे पर मध्यप्रदेश सबसे आगे : केन्द्रीय सड़क मंत्री श्री गडकरी

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विकसित और आत्मनिर्भर भारत सिर्फ स्वप्न नहीं संकल्प है, पूरा देश एकजुट होकर कर रहा है काम
मध्यप्रदेश को केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने दी 1 लाख करोड़ रुपए के राजमार्ग विकास कार्यों की मंजूरी
सीआरएफ से 1600 करोड़ देने की घोषणा, इसमें से 400 करोड़ मिलेंगे विदिशा संसदीय क्षेत्र को
सागर-विदिशा- कोटा तक बनेगा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस हाइवे, 75 किमी दूरी होगी कम
मध्यप्रदेश मना रहा विकास का महापर्व, विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए चल रहा महायज्ञ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव म.प्र. के विकास के कारवां को बढ़ा रहे हैं आगे: केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान
4400 करोड़ रुपये की लागत से 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास
विदिशा जिले के लिए 450 करोड़ से अधिक के कामों का हुआ लोकार्पण एवं भूमि-पूजन
मध्यप्रदेश सहित विदिशा संसदीय क्षेत्र को मिली कई सौगातें

  विदिशा।  केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कहा है कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हमारे लिए सिर्फ स्वप्न नहीं, एक संकल्प है और इस संकल्प को पूरा करने के लिए पूरा देश एकजुट और एकमत होकर काम कर रहा है। हम सब मिलकर 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर बनाएंगे। देश के समग्र विकास के इस महायज्ञ में सबसे बड़ी आहुति मध्यप्रदेश की ही होगी। केन्द्रीय सड़क मंत्री श्री गडकरी शनिवार को विदिशा में आयोजित विभिन्न सड़क परियोजनाओं के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सही नेतृत्व और समर्पित सरकार से कदमताल कर हम मध्यप्रदेश को एक प्रगतिशील, समृद्ध और सम्पन्न राज्य बनाएंगे। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के विकास को और गति देने के लिए विदिशा में 4400 हजार करोड़ रुपए की लागत से 8 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया।

   केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि हम मध्यप्रदेश के विकास को शक्ति देने के लिए पूरी ताकत से अपना सहयोग देंगे। इन परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने मध्यप्रदेश के विकास से जुड़ी विभिन्न सड़क परियोजनाओं पर सहमति व्यक्त कर करीब एक लाख करोड़ रुपए की नई परियोजनाओं को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के अधीन 2 लाख करोड़ रुपए लागत की राष्ट्रीय राजमार्ग विकस परियोजनाओं पर पहले से ही काम चल रहा है। 
   केन्द्रीय सड़क मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में सबसे अग्रणी राज्य है। यहां का बासमती चावल और शरबती गेहूं विश्व प्रसिद्ध है। केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान अन्नदाता के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। किसानों को अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता, हवाई ईंधनदाता और डामरदाता भी बनाना हमारा लक्ष्य है। नागपुर में किसान एथेनॉल का उत्पादन कर रहे हैं। भारत 22 लाख करोड़ रुपए का तेल आयात करता है। भोपाल एयरपोर्ट पर आज इलेक्ट्रिक कार देखकर मुझे प्रसन्नता हुई। देश में अब हाइड्रोजन कार पर कार्य किया जा रहा है। 
    केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि हमारे कृषि यंत्र किसानों के द्वारा तैयार ईंधन पर चलने चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान के किसानों की आय बढ़ाने के हर संभव प्रयास जारी हैं। किसानों की आय बढ़ेगी, तो वे गांव से दूर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश में विकास कार्यों के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है, सिर्फ देश में गांव-गरीब-किसानों के लिए ईमानदारी से काम करने वाले कर्मठ लोगों की कमी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में हम भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। दुनिया हमारे इंजीनियर और डॉक्टर्स का लोहा मानती है। हमारे नॉलेज को वेल्थ में बदलना ही सफलता है। नागपुर शहर में टॉयलेट का पानी बेचने से ही 300 करोड़ मिल जाते हैं। अगर देश को नेता सही मिलें तो वेस्ट भी वेल्थ में बदलता है। देश के विकास का श्रेय जनप्रतनिधियों को नहीं, उन्हें चुनने वाली जनता को जाता है।
  केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने कहा कि शनिवार को मध्यप्रदेश में 1 लाख करोड़ लागत के सड़क और राजमार्ग विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। प्रदेश में अभी 2 लाख करोड़ लागत के अनेक काम चल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यहां उद्योग आएंगे, व्यापार बढ़ेगा, निर्यात बढ़ेगा। युवाओं को रोजगार मिलेगा और मध्यप्रदेश एक प्रगतिशील, समृद्ध और सम्पन्न प्रदेश बनेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के विकास के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय कोई कमी नहीं रखेगा। मध्यप्रदेश में बहुतायत में हाईवे नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री गडकरी की महत्वपूर्ण घोषणाएं

केंद्रीय सड़क मंत्री श्री गडकरी ने विदिशा में मध्यप्रदेश को विभिन्न सड़क परियोजनाएं देने की घोषणा करते हुए कहा कि -
16 हजार करोड़ रुपए लागत का सागर-विदिशा-कोटा तक नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे बनाया जाएगा। इससे सागर से कोटा के बीच की दूरी 75 किमी तक कम हो जाएगी।
नसरुल्लागंज (भैरूंदा)-बुधनी रोड को 4 लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। 
मध्यप्रदेश में अलग-अलग 50 सड़कों के निर्माण के लिए 4500 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त भी जरूरत के अनुसार और भी राशि मंजूर की जाएगी। 
विदिशा में 4 हजार करोड़ रुपए लागत से उत्तरी बायपास बनाया जाएगा।
40 हजार करोड़ रुपए की लागत से ग्वालियर-भोपाल-नागपुर को जल्द मंजूरी मिलेगी, जो आगे जाकर हैदराबाद को भी कनेक्ट करेगा। 
सिंहस्थ के लिए उज्जैन-झालावाड़ 2500 करोड़ रुपए की लागत से हाईवे सहित अन्य रोड भी बनाए जाएंगे।
सीआरएफ योजना में मध्यप्रदेश को सड़क विकास कार्यों के लिए 1600 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसमें से 400 करोड़ रुपए विदिशा लोकसभा संसदीय क्षेत्र के लिए होंगे।
प्रदेश को 5 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर की सौगात मिली है। 20 अन्य ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर्स के प्रस्तावों को भी जल्द ही मंजूरी देंगे।
अटल एक्सप्रेस-वे से जुड़े सभी विकास कार्यों को भी मंजूरी देंगे। 
गोपालपुर से भैरुंदा तक सड़क मार्ग को भूमि अधिग्रहण के बाद व्हाइट टॉपिंग क्रॉन्क्रीट से निर्मित किया जाएगा।


 रायसेन में बनेगा मेडिकल कॉलेज, सभी प्रक्रियाएं जल्द से जल्द प्रारंभ कराएंगे रू मुख्यमंत्री डॉ. यादव


   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व विदेश मंत्री स्व. श्रीमती सुषमा स्वराज का आशीर्वाद भी मिला है। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह के नेतृत्व में इस क्षेत्र को लगातार विकास की अनेक सौगातें मिल रही हैं। विदिशा की धरती में अद्भुत आकर्षण है। यह उज्जैन के समान पावन धरती है। हर काल में यहां के वीरों ने अपनी अलग पहचान बनाई। सम्राट अशोक के कार्यकाल में यहां सांची स्तूप का निर्माण हुआ। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी ने दिल्ली में बैठक के दौरान मध्यप्रदेश को 20 हजार करोड़ रुपए की राजमार्ग विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। केंद्रीय मंत्री श्री गड़करी अपने प्रण के पक्के हैं, उन्होंने मुंबई में समुद्र के ऊपर पुल बनवा दिया है। मध्यप्रदेश के सिंगरौली में पहाड़ के बीच से रोड निकल रहा है। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के तरह-तरह के काम जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश विकास का महापर्व मना रहा है। विकसित और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए महायज्ञ चल रहा है। विकास के मामले में हम कोई कमी नहीं रहने देंगे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी से आत्मीयतापूर्वक मांग करते हुए कहा कि आगरा-ग्वालियर-भोपाल-नागपुर तक 500 किलोमीटर से अधिक दूरी का एक नया नेशनल हाईवे (ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे) बनाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 50 सड़कों के निर्माण के लिए 4500 करोड़ रुपए की मांग केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी से की, जिसे केंद्रीय मंत्री ने तत्काल मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रायसेन में मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा, इसके लिए सभी जरूरी प्रक्रियाएं जल्द से जल्द प्रारंभ कर दी जाएंगी।  
   
   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को मिलीं 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं यहां क्षेत्रीय विकास, औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, आवागमन की सुगमता और आर्थिक प्रगति को एक नई गति प्रदान करेंगी। मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, इसलिए केंद्र सरकार को किसी भी राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए मध्यप्रदेश की धरती पर आना ही पड़ेगा। मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है, इसके विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने विश्वास जताया केंद्र सरकार के सहयोग से हम मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर प्रदेश बनाकर रहेंगे। 

  विदिशा को बनाएंगे विकास का हब रू केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान

केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी विकास का दूसरा नाम हैं। उन्होंने कहा कि विदिशा संसदीय क्षेत्र का विकास ही मेरा लक्ष्य है। मध्यप्रदेश की जनता की सेवा करने की हर संभव कोशिश की है। विकास के कारवां को अब मुख्यमंत्री डॉ. यादव आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदिशा को आज 4400 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिली है। अब विदिशा बदल रहा है, अब इसे एक रिंग रोड की आवश्यकता है। जब किसी शहर में रोड बनता है तो जमीन की कीमत बढ़ती है। शहर के विकास के साथ उद्योगों का विकास होता है। अब मध्यप्रदेश का गेहूं और बासमती चावल अमेरिका और कनाडा तक धूम मचा रहा है। कोटा-भोपाल-विदिशा-सागर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के बनने से लोगों का समय बचेगा। इससे विदिशा-सागर क्षेत्र के लिए नया अध्याय शुरू हो जाएगा। शहरों के आसपास से निकलने वाली सड़कों को भी दशा और दिशा सुधारने की आवश्यकता है। विदिशा बस स्टैंड के उन्नयन की आवश्यकता है। अगर नागपुर से ग्वालियर तक नया राष्ट्रीय राजमार्ग बने, तो मध्यप्रदेश की सूरत ही बदल जाएगी। प्रदेश में नदी जोड़ो परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है, ऐसे में अगर नर्मदा को बेतवा से लिंक कर दिया जाए, तो एक बड़ा काम पूरा हो जाएगा।  

    लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास की नई गाथा लिख रहा है। आधुनिक भारत में मजबूत इंफ्रॉस्ट्रक्चर ही 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का आधार है। केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी के नेतृत्व में देश में सड़क, राजमार्गों का काम तेजी से चल रहा है। उन्होंने पिछले दिनों दिल्ली में राष्ट्रीय परियोजनाओं को गति देने के लिए मीटिंग की। ग्वालियर के अटल प्रगति पथ में आ रही बाधाएं अब दूर हो गई हैं। मध्यप्रदेश देश के केंद्र में है, इसलिए हमें और अधिक राजमार्ग मिलने चाहिए। मध्यप्रदेश में रोड इंफ्रॉस्ट्रक्चर पर 1 लाख 80 हजार करोड़ का निवेश हो रहा है, जो रोड नेटवर्क को नए आयाम देगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 578 किमी का ग्वालियर-भोपाल-नागपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे, 450 किमी का उज्जैन-जबलपुर-अंबिकापुर नेशनल हाइवे, 57 किमी का सिंरोज-महलुआ-बीना मार्ग, खंडवा-हरदा-पिपरिया-नरसिंहपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे, 14 हजार करोड़ लागत का कोटा-भोपाल-विदिशा-सागर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे, नसरुल्लागंज-बुधनी 2 लेन रोड बनाए जाने की आवश्यकता है। 

   विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन ने कहा कि आज विदिशा को केंद्रीय मंत्री श्री गडकरी और श्री चौहान के साथ और मुख्यमंत्री डॉ. यादव का एक साथ स्वागत करने का सौभाग्य मिला है। विदिशा में बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा सहित बुनियादी जरूरतों की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विदिशा को मेट्रोपोलिटन एरिया में शामिल कर नई सौगात दी है। विदिशा जिले में भविष्य में विकास का कारवां ऐसे ही चलता रहेगा।  

मध्यप्रदेश को मिली ये भी सौगातें

    केन्द्रीय सड़क मंत्री श्री गडकरी ने विदिशा में 4,400 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित एवं प्रस्तावित 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियाजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की लंबाई 181 किलोमीटर है, जो मध्य भारत एवं बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करेंगी और प्रदेश के सड़क एवं परिवहन अवसंरचना विकास की दिशा में एक ओर ऐतिहासिक अध्याय जुड़ा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से भोपाल-विदिशा-सागर-राहतगढ़-ब्यावरा सहित प्रमुख औद्योगिक, कृषि एवं पर्यटन मार्गों पर यातायात सुगम होगा। ये केंद्र सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार विकसित करने तथा युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भोपाल-विदिशा खंड, विदिशा-ग्यारसपुर खंड, ग्यारसपुर-राहतगढ़ खंड के 4 लेन चौड़ीकरण से कनेक्टिविटी मजबूत और लॉजिस्टिक गतिविधियाँ सशक्त होंगी। सागर वेस्टर्न बॉयपास (ग्रीनफील्ड) 4 लेन निर्माण से शहरी ट्रैफिक दबाव कम होगा, यात्रा समय में कमी आएगी और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ेगी।  

तीन ड्राइविंग प्रशिक्षण सेंटर की रखी जा रही है आधारशिला

  विदिशा में एक और सागर में दो ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर का भूमि-पूजन किया गया। विदिशा में 2 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से डीटीसी का शिलान्यास किया गया। इससे ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता और एक्सीडेंट में कमी लाने में मदद मिलेगी। 

  477 करोड़ की लागत से 39 किमी लंबी 2 सड़क परियोजनाओं का लोकार्पण

  कार्यक्रम के दौरान 417 करोड़ से अधिक की लागत से रातापानी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में ओबेदुल्लागंज-इटारसी सेक्शन में 4 लेन सड़क का लोकार्पण भी किया गया। इससे बैतूल से नागपुर तक सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक सुचारू होगा, ईंधन बचेगा और प्रदूषण कम होगा, हादसों में कमी आएगी, मानव-वन्यजीव संघर्ष घटेगा, और ट्रैफिक सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण होगा। 59 करोड़ से अधिक की लागत से देहगांव से बम्होरी के 27 किमी लंबे मार्ग के लोकार्पण से किसानों और आमजन को सहज आवागमन की बड़ी सुविधा मिलेगी।

रोड शो कर जनता किया अभिवादन

  विदिशा में आयोजित भव्य रोड शो में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री गडकरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री चौहान ने जनसमुदाय का अभिवादन किया। रोड शो में उन्होंने खुले वाहन से नगरवासियों का अभिवादन किया। रोड शो में विदिशा के नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर केंद्रीय मंत्रियों एवं मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। सड़कों के दोनों ओर उमड़े जनसमूह, पुष्पमालाओं से सजें तोरण द्वार शहर के उत्सवपूर्ण माहौल को दर्शा रहे थे।  
  पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन पटेल, सागर की सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, नर्मदापुरम के सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी, विधायक श्री सुदेश राय, पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पूर्व मंत्री श्री रामपाल सिंह, पूर्व मंत्री श्री सुरेंद्र पटवा, पूर्व मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, विधायक श्री रमाकांत भार्गव, विधायक श्री हरिसिंह सप्रे, विधायक श्री हरिसिंह रघुवंशी, विधायक श्री प्रदीप लारिया, विधायक श्री उमाकांत शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

अभिनेता आशीष पाल की शादी बनेगी भव्य आयोजन, भोजपुरी सिनेमा और राजनीति की कई दिग्गज हस्तियों के पहुंचने की संभावना

गाजीपुर (उत्तर प्रदेश):

टेलीविजन और भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता एवं गायक आशीष पाल अप्रैल 2026 में विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। यह शादी केवल एक पारिवारिक समारोह नहीं, बल्कि एक ऐसा भव्य आयोजन बनने जा रही है, जिसमें फिल्मी दुनिया और राजनीति से जुड़ी कई नामचीन हस्तियों की मौजूदगी देखने को मिल सकती है।


आशीष पाल अपनी मंगेतर खुशी पाल के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अपने पैतृक गाँव बरहपार भोजूराय, जिला गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) में विवाह करेंगे। शादी से जुड़े कार्यक्रम 28 से 30 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित किए जाएंगे, जिसमें परंपरा और ग्लैमर का अनोखा संगम देखने को मिलेगा।


सगाई और गोद भराई की रस्मों ने पहले ही बटोरी सुर्खियां

आशीष पाल और खुशी पाल की सगाई 7 नवंबर 2025 को पारिवारिक और भव्य समारोह के साथ संपन्न हुई थी। इसके बाद 10 नवंबर 2025 को खुशी पाल की पारंपरिक गोद भराई रस्म आयोजित की गई, जिसमें दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार और मित्र शामिल हुए। तभी से यह शादी चर्चा का विषय बनी हुई है।


शादी का पूरा कार्यक्रम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाह से जुड़े प्रमुख कार्यक्रम इस प्रकार होंगे:


हल्दी समारोह: 28 अप्रैल 2026


मेहंदी समारोह: 29 अप्रैल 2026


विवाह समारोह: 30 अप्रैल 2026


भोजपुरी सिनेमा और राजनीति की हस्तियों के आने की चर्चा

सूत्रों की मानें तो इस विवाह समारोह में भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री और राजनीति से जुड़े कई बड़े चेहरों के शामिल होने की संभावना है।


अभिनेता आशीष पाल: मेहनत से बनाई पहचान

गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले आशीष पाल वर्तमान में सूरत में सक्रिय हैं। उन्होंने भोजपुरी सिनेमा, टेलीविजन और पॉप म्यूजिक इंडस्ट्री में अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अलग पहचान बनाई है। अभिनेता और गायक होने के साथ-साथ वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सक्रिय कार्यकर्ता भी हैं।


उनका सुपरहिट गीत “साला भतार हवलदार हो गया” आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। आशीष पाल अपनी निजी जिंदगी को लाइमलाइट से दूर रखते हैं, लेकिन इस भव्य विवाह समारोह ने उन्हें एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।


सोशल मीडिया पर दिखा उत्साह

शादी की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रशंसकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। फैंस आशीष पाल के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट @Ashishpal023 पर उन्हें और खुशी पाल को बधाइयां और शुभकामनाएं दे रहे हैं।

आने वाले दिनों में आशीष पाल की यह शादी न केवल गाजीपुर बल्कि भोजपुरी सिनेमा जगत के लिए भी एक यादगार आयोजन बनने की पूरी संभावना है।


आनंदम ने धूमधाम से मनाया 13वाँ स्थापना दिवस,आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर का किशोर अवस्था में प्रवेश,भव्य रूप से मनाई 13वीं वर्षगाँठ

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समाजसेवा मिसाल कायम करते हुए पूरे किए 13 सफल वर्ष

  इंदौर : उम्र के उस पड़ाव पर, जहाँ अपनत्व और हमउम्र साथियों की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, वहाँ इंदौर स्थित आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर पिछले 13 वर्षों से बुज़ुर्गों के जीवन में सहारा, सक्रियता और आत्मसम्मान का संबल बना हुआ है। 16 जनवरी को आनंदम ने अपनी 13वीं वर्षगाँठ उत्साहपूर्वक मनाई। ये 13 वर्ष केवल समय का आँकड़ा नहीं, बल्कि सैकड़ों मुस्कुराहटों, मित्रता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रमाण हैं। श्री रमेश गर्ग, सेवा निवृत्त हाई कोर्ट जज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। स्थापना दिवस पर आनंदम परिवार के सभी सदस्यों ने संस्था के सतत विकास हेतु निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया। 

   वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के उद्देश्य से स्थापित आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर आज शहर की एक विश्वसनीय सामाजिक संस्था बन चुका है। यहाँ आने वाले बुज़ुर्ग इसे केवल डे-केयर सेंटर नहीं, बल्कि अपना दूसरा घर मानते हैं, जहाँ वे खुलकर संवाद करते हैं, मुस्कुराते हैं और जीवन के इस चरण को सार्थक बनाते हैं।

   संस्था के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह ने कहा, “वर्ष 2013 में सीमित साधनों, भाटिया परिवार के सहयोग और चार साथियों के साथ आनंदम की शुरुआत हुई थी। सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवनशैली, सामाजिक सहभागिता और रचनात्मक अभिरुचि को केंद्र में रखकर यहाँ विभिन्न कार्यक्रम शुरू किए गए, जिनका संचालन स्वयं सदस्यों ने संभाला। आज आनंदम का कैलेंडर गतिविधियों से भरा रहता है। विद्या, कम्प्यूटर वितरण और अन्न कलश जैसी सामाजिक पहलें निरंतर संचालित की जा रही हैं। वरिष्ठजनों को मंच देने हेतु ‘वॉइस ऑफ सीनियर्स’ प्रतियोगिता वर्षों से आयोजित हो रही है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में आनंदिनी समूह का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व श्रीमती गुरवीन भाटिया कर रही हैं।”

    संस्था के सचिव श्री एस. बी. खंडेलवाल ने कहा, “13 वर्षों में आनंदम ने जो पहचान बनाई है, उसका श्रेय सभी सेवाभावी सदस्यों और गतिविधि समन्वयकों के परिश्रम को जाता है। हम मानते हैं कि 55 के बाद यदि बचपन जीने का अवसर मिले, तो उम्र केवल एक संख्या रह जाती है। समय के साथ जरूरतें बदलती हैं और आनंदम ने हर दौर में स्वयं को अपडेट किया है, ताकि प्रत्येक सदस्य खुद को सक्रिय, उपयोगी और सम्मानित महसूस करे।”

   डेढ़ दशक की ओर बढ़ती इस यात्रा में आनंदम ने समय के अनुरूप कई नए आयाम जोड़े हैं। खेल गतिविधियों के अंतर्गत कैरम और टेबल टेनिस जैसे इनडोर खेल नियमित रूप से संचालित किए जाते हैं। इनकी प्रतियोगिताएँ न केवल मनोरंजन का माध्यम हैं, बल्कि बुज़ुर्गों को मानसिक और शारीरिक रूप से सक्रिय रखने में भी सहायक सिद्ध हो रही हैं।

    समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आनंदम द्वारा ‘आनंदिनी’ पहल के माध्यम से जरूरतमंद बालिकाओं और परिवारों को सहयोग दिया जा रहा है। साथ ही, डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में कम्प्यूटर वितरण की पहल भी शुरू की गई है। इसके अंतर्गत आदिवासी बहुल क्षेत्रों के 7 स्कूलों को 50 कम्प्यूटर वितरित किए जा चुके हैं। डीडवानिया (रतनलाल) चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आगामी तीन वर्षों में 300 कम्प्यूटर वितरित करने की योजना है। साथ ही, जरूरतमंद विद्यार्थियों को नोटबुक वितरण की योजना भी प्रस्तावित है।

   आनंदम की पहचान यही है कि यह स्वयं को केवल वरिष्ठ नागरिकों तक सीमित नहीं रखता। वर्ष 2016 से संचालित ‘विद्या’ छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अब तक 938 छात्राओं को 49 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है।

   वरिष्ठ नागरिकों की गायन प्रतिभा को मंच देने वाली ‘वॉइस ऑफ सीनियर्स’ प्रतियोगिता के सात सफल संस्करण इस बात का प्रमाण हैं कि उम्र प्रतिभा की सीमा नहीं होती। वर्ष 2025 में इसके सातवें संस्करण में 282 प्रतियोगियों ने भाग लिया और यह प्रतियोगिता अब राष्ट्रीय स्तर की बन चुकी है। इसके साथ-साथ नियमित स्वास्थ्य जाँच शिविर और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

  13 वर्षों की इस सतत यात्रा में आनंदम सीनियर सिटीजन सेंटर ने यह सिद्ध किया है कि सेवा केवल सहायता नहीं, बल्कि रिश्तों का निर्माण भी करती है और यही आनंदम की असली पहचान है।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सशस्त्र बलों के परिजनों के लिए लॉन्च की 'सीयू ऑनलाइन जय जवान' डिफेंस स्कॉलरशिप

चंडीगढ़

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) ने 78वें सेना दिवस समारोह के अवसर पर ‘सीयू ऑनलाइन जय जवान स्कॉलरशिप’ लॉन्च की, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना और पैरामिलिट्री कर्मियों के पारिवारिक सदस्यों और बच्चों को वर्ल्ड क्लास ऑनलाइन उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस पहल के तहत वे ‘CU Online’ द्वारा प्रस्तुत 12 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट ऑनलाइन प्रोग्राम में प्रवेश लेकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसरों की नई ऊँचाइयों तक पहुँचकर उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।

‘चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ऑनलाइन जय जवान स्कॉलरशिप’ के लॉन्च के मौके पर मौजूद गणमान्य लोगों में एवीएवीएसएम, वीएसएम, लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया,ऑफिसर कमांडिंग, वज्र कॉर्प्स, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (स्टूडेंट अफेयर्स और एडमिनिस्ट्रेशन) और मैनेजमेंट के प्रोफेसर ब्रिगेडियर (डॉ.) गगन दीप सिंह बाठ और डॉ. गुरप्रीत सिंह, डायरेक्टर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी शामिल थे।

सीयू ऑनलाइन जय जवान स्कॉलरशिप योजना की जानकारी साझा करते हुए, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर, दीप इंदर सिंह संधू ने कहा, “सेवारत, रिटायर्ड और शहीद सैनिकों के परिवार के सदस्य इस स्कॉलरशिप योजना का लाभ उठा सकते हैं, जिसमें भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, इंडियन कोस्ट गार्ड सहित सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल जिनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, असम राइफल्स, एनएसजी, एसपीजी सहित अन्य अर्धसैनिक बल शामिल हैं।”

उन्होंने कहा कि इस समय चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में नेशनल कैडेट कॉर्प्स (एनसीसी) यूनिट के सेना,नौसेना और वायुसेना के तीनों विंग में कुल 373 कैडेट है जिनमें से 40% लड़कियां हैं। यही नहीं अब तक 43 कैडेट अधिकारी के रूप में भारतीय सेना,भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना में देशसेवा कर रहे हैं।

“यह स्कॉलरशिप सीयू ऑनलाइन द्वारा प्रदान किए जा रहे सभी 12 ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम पर लागू है, जिसमें बीबीए, बीसीए, एमबीए (जनरल), एमबीए (बिजनेस एनालिटिक्स), एमसीए, बीए जेएमसी, बीबीए बीए, एमएससी डेटा साइंस, एमए इंग्लिश, एमए इकोनॉमिक्स, एमएससी मैथ्स एवं एमए जेएमसी शामिल हैं। ‘CU ऑनलाइन जय जवान स्कॉलरशिप’ का लाभ उठाने के लिए, आवेदकों को सीयू ऑनलाइन के वेब पोर्टल (www.onlinecu.in) पर जाकर एक ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम चुनना होगा, माता-पिता की सर्विस का प्रूफ अपलोड करना होगा और स्कॉलरशिप सेक्शन के तहत ‘डिफेंस सर्विस–जय जवान’ चुनना होगा। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की यह पहल दुनिया की बेहतरीन ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंच प्रदान करके मिलिट्री परिवारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम है। यह न केवल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देगा बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि किसी भी सैनिक का बच्चा वित्तीय कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।“

“युद्ध, इच्छाशक्ति और बुद्धिमत्ता: रणनीतिक अनिश्चितता के दौर में भारत की उभरती सैन्य सोच” विषय पर एक सेशन के दौरान अपने भाषण में मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया, एवीएसएम, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, वज्र कॉर्प्स ने कहा, “भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से पहलगाम आतंकी हमले का पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देते हुए यह स्पष्ट सन्देश दिया कि आतंकवाद अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी आतंकवादियों की मदद करेगा, उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।"

उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर स्पष्ट सन्देश था कि अगर पहलगाम जैसे आतंकी हमले नहीं रुके, तो घर में घुसकर मारेंगे। लेकिन हर कोई पूछ रहा है कि हमने 10 मई (2025) को (ऑपरेशन सिंदूर) क्यों रोक दिया? हमने पाकिस्तान को पूरी तरह से समाप्त क्यों नहीं किया? ऑपरेशन सिंदूर के बाद पश्चिमीदेश भारत के खिलाफ हो गए थे। अमेरिका की सोच थी कि वह दुनिया का अग्रणी है, लेकिन हमने ऑपरेशन शुरू करने के लिए उनसे इजाज़त नहीं ली या ऑपरेशन सिंदूर के लिए उन्हें साथ नहीं लिया। हमने स्वयं फैसला किया और कार्रवाई की। कार्रवाई करने के बाद हमने उन्हें बताया। इसलिए वे बहुत नाराज़ थे। उन्होंने सोचा कि आप (भारत) ऐसा कैसे कर सकते हैं? उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंदूर ऑपरेशन एक सोचा-समझा रणनीतिक कदम था, जिसे उद्देश्य पूरा होने पर रोका गया, न कि किसी दबाव में। यह आतंकवाद के खिलाफ भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे सफल ऑपरेशन था।"

उन्होंने आगे कहा,“आपकी भावनाओं पर आपका नियंत्रण आपकी प्रतिक्रिया की गति से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण है। उरी हमले के जवाब में, हमने सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक की। पुलवामा हमले के बाद, हमने वायु सेना द्वारा बालाकोट में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। पहलगाम हमले के बाद, हमने पाकिस्तान के 300-400 किलोमीटर अंदर नौ ठिकानों पर हमला किया। यह सब 'अनुपात' और बुद्धिमत्ता से किया। कारगिल संघर्ष के दौरान भारत ने नियंत्रण रेखा पार क्यों नहीं की? हमने 10 मई को (ऑपरेशन सिंदूर) क्यों रोक दिया? इसके पीछे गहरे कारण थे। वित्तीय वर्ष अप्रैल में शुरू होता है, और खेतों में फसलें खड़ी थीं। उस समय युद्ध हमारी इकॉनमी को 20 साल पीछे धकेल सकता था। 2047 तक एक विकसित देश बनाने के लिए, हमें लगातार आर्थिक विकास की ज़रूरत है। पाकिस्तान के साथ पूरी तरह से युद्ध इस सपने को तोड़ सकता था। हमने अमेरिका जैसे देश से इजाज़त नहीं ली। हमने स्वयं आगे बढ़ने या रुकने का फैसला किया।"

इस अवसर पर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में भारतीय सेना के जवानों द्वारा लगाई गई हथियारों की प्रदर्शनी छात्रों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में अपग्रेडेड बीएफएसआर टीआई कैमरा, 81 एमएम मोर्टार, एटीजीएम यूनिफाइड लांचर, गन मशीन 7.52 एमएम, एमएजी 58, ऑटोमेटिक ग्रेनेड लांचर-17, 7.62 ड्रैगुनोवा स्नाइपर राइफल, 338 साको टीआरजी 42 स्नाइपर राइफल, 7.62 एमएम नेगेव एलएमजी, 7.62 एमएम एसआईजी राइफल, 7.62 एमएम एके-203 राइफल, 5.56 एमएम इंसास राइफल, 40 एमएम मल्टी ग्रेनेड लांचर, 51 एमएम मोर्टार, लोकेट स्नाइपर, वीआर रॉकेट लांचर, 3-डी एनिमेशन हथियार मॉडल, बम निरोधक दस्ते के कवच व अन्य उपकरण प्रदर्शित किए गए। इस अवसर पर जवानों ने छात्रों को हथियारों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के बारे में

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी एक NAAC A+ ग्रेड और क्यूएस वर्ल्ड (QS World) रैंक धारक यूनिवर्सिटी है। यूजीसी द्वारा मान्य यह स्वायत्त शैक्षणिक संस्थान पंजाब राज्य में चंडीगढ़ के पास स्थित है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भारत की सबसे यंगेस्ट तथा पंजाब की एकमात्र प्राइवेट यूनिवर्सिटी है, जिसे NAAC (राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद) द्वारा A+ ग्रेड से सम्मानित किया गया है। यूनिवर्सिटी विभिन्न क्षेत्रों में 109 से अधिक अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम प्रदान करती है, जिनमें इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, लॉ, आर्किटेक्चर, जर्नालिज्म, एनीमेशन, होटल मैनेजमेंट, और कॉमर्स शामिल हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेंट रिकॉर्ड बना कर वर्ल्ड कंसल्टिंग एंड रिसर्च कारपोरेशन (डब्ल्यूसीआरसी) द्वारा पुरस्कारित ''यूनिवर्सिटी विद बेस्ट प्लेसमेंट'' अवार्ड को भी अपने नाम किया है।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें: www.cuchd.in.
 

सरदारपुर के श्री झिर्णेश्वर मंदिर के पास लकड़बग्घे के कुनबे की हलचल, वन विभाग ने दी सतर्क रहने की सलाह




 

  सरदारपुर। सरदारपुर के समीप स्थित प्रसिद्ध झिर्णेश्वर मंदिर के आसपास के राजस्व क्षेत्र में पिछले दो दिनों से वन्य प्राणी लकड़बग्घे (Hyena) के विचरण की सूचना से क्षेत्र में सनसनी है। दिनांक 14.01.2026 व 15.01.2026 को ग्रामीणों द्वारा वन्य प्राणी देखे जाने की सूचना वन विभाग को दी गई थी।

वन विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई

  सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी धार विजयंनथम टीआर एवं उपवनमंडलाधिकारी सरदारपुर सुनिल सुलिया के मार्गदर्शन में रेस्क्यू दल सक्रिय हुआ। दल प्रभारी जोगडसिंह जमरा, अमनसिंह टेगोर एवं अन्य सदस्यों द्वारा संपूर्ण क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया। जांच के दौरान क्षेत्र के नमी वाले स्थानों पर वन्य प्राणी के पगमार्क (पदचिह्न) और विष्ठा पाई गई, जिनकी पुष्टि लकड़बग्घे के रूप में हुई है।

  प्रत्यक्षदर्शियों का दावा: परिवार के साथ है वन्य जीव

   क्षेत्र के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यहाँ 02 वयस्क लकड़बग्घे अपने 03 छोटे बच्चों के साथ देखे गए हैं। वन विभाग के अनुसार, ये वन्य प्राणी अक्सर टांडा एवं भीलखेड़ी घाट के जंगलों से शिकार और पानी की तलाश में भटकते हुए राजस्व क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं।

स्थानीय निवासियों को दी गई समझाइश

  वन विभाग की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों और खेतों में काम करने वाले कृषकों को सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण समझाइश दी है:

* रात्रि के समय खेतों या बाहर अकेले न निकलें।
* छोटे बच्चों को अकेले घर से बाहर न जाने दें।
* हमेशा समूह में आवागमन करें और सतर्कता बरतें।

सतत निगरानी जारी
  
  वन परिक्षेत्राधिकारी सरदारपुर,शैलेंद्र सोलंकी ने बताया कि रेस्क्यू दल द्वारा दिन व रात लगातार क्षेत्र की सर्चिंग की जा रही है और वन्य प्राणी के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। वर्तमान में लकड़बग्घा आसपास दिखाई नहीं दिया है, फिर भी सुरक्षा के मद्देनजर लोगों से अपील की गई है कि कोई भी मांसाहारी वन्य जीव दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करें।


अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय का तीसरा कैंपस राँची में शुरु होगा, इसका मकसद झारखण्ड और देश के पूर्वी हिस्से में शिक्षा को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण बनाना है

राँची, झारखण्ड, भारत

आज अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय ने राँची में अपने तीसरे कैंपस की शुरुआत करने की घोषणा की है। इस कैंपस की शुरुआत के साथ ही अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन ने पूर्वी भारत में समाज से जुड़ी हुई और संदर्भ के मुताबिक शिक्षा देने की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाया है। नया कैंपस विश्‍वविद्यालय के शिक्षा, विकास, सार्वजनिक स्वास्थ्य और प्रशासन के क्षेत्र में लंबे अनुभवों पर आधारित है। यह अकादमिक शिक्षा को समाज और क्षेत्र की ज़मीनी स्तर की सच्चाइयों को जोड़ने के नज़रिए को दिखाता है।

अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय, राँची कैंपस के नामित कुलपति, ज़ुल्फ़िकार हैदर ने कैंपस के उद्देश्यों के बारे में बताते हुए कहा, “हम चाहते हैं कि हमारा राँची कैंपस भी क्षेत्र की सामाजिक और विकास की ज़रूरतों से नज़दीकी से जुड़े। हम चाहते हैं कि हमारा कैंपस क्षेत्र में ज्ञान को बढ़ावा देकर मानवीय विकास की राहें और भी बेहतर बनाए। विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की सीखने की ज़रूरतों और अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले कामकाजी पेशेवरों को ध्यान में रखकर कई तरह के कोर्सेस व कार्यक्रम शुरु किए जाएँगे। झारखंड के विविध आदिवासी और दूसरे सभी समुदायों की परंपराओं, इतिहास, ज्ञान परंपराओं और दुनिया के देखने-समझने के नज़रिए से अच्‍छी तरह से जुड़ना अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय का मकसद है।”
 
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय का 150 एकड़ का कैंपस इटकी में बन रहा है। इस कैंपस में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त क्लासरूम, प्रयोगशालाएँ, खेल-कूद की सुविधाएँ और विद्यार्थियों के लिए छात्रावास व शिक्षकों के लिए आवास की सुविधाएँ बनाई जाएँगी। इस कैंपस में एक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भी बनाने की योजना है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए इस कैंपस को ऊर्जा-कुशल सिस्टम से युक्त बनाया जाएगा और बारिश के पानी को इकट्ठा कर इस्तेमाल करने लायक बनाने सुविधा भी होगी।
 
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के राँची कैंपस में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट और सतत शिक्षा कार्यक्रम होंगे। इसमें एजुकेशन, विकास अध्ययन, अर्थशास्त्र, सार्वजनिक स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन व सस्टेनेब्लिटी जैसे विषयों का अध्ययन होगा। ये कार्यक्रम झारखंड और पूर्वी भारत के विकास की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। इन कार्यक्रमों को अकादमिक और जमीनी अनुभव रखने वाले शिक्षक पढ़ाएँगे।
 
इस अकादमिक वर्ष में दो मास्‍टर्स प्रोग्रैम शुरू किए जाएँगे – एम.ए. अप्लाइड इकोनॉमिक्स और एम.ए.डेवलपमेंट। इसके साथ ही लोकल डेवलपमेंट, प्रारंभिक बाल शिक्षा और शैक्षणिक मूल्यांकन विषयों में प्रोस्ट गैजुएशन डिप्लोमा भी शुरू किए जाएँगे। इस साल सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास से जुड़े कई अल्प-कालिक सर्टिफिकेट प्रोग्रैम भी शुरु होंगे।
 
अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के व्यापक उद्देश्यों को बताते हुए ज़ुल्फ़िकार हैदर ने कहा, “अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन के मार्गदर्शक मूल्यों के आधार पर सामाजिक भलाई के लिए अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। शिक्षा, पढ़ाई-लिखाई, रिसर्च और ज़मीनी स्तर पर काम करते हुए हम न्यायपूर्ण, समानता पर आधारित, मानवीय और बेहतर-से-बेहतर स्वावलंबी समाज बनाने में अपना योगदान देना चाहते हैं। हमारा राँची कैंपस झारखण्ड और देश के पूर्वी हिस्से में नॉलेज क्रिएशन, समाज के हितों से जुड़े विचारों को बढ़ावा देने, यहाँ के लोगों के कौशल व क्षमताओं को बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभाएगा।”
 

अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय के बारे में

अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलूरु की स्थापना कर्नाटक सरकार के ‘अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी एक्ट 2010’ द्वारा की गई है। अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, भोपाल की स्थापना ‘मध्य प्रदेश निजी विश्‍वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) द्वितीय संशोधन अधिनियम, 2022’ तहत की गई है। अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, राँची की स्थापना झारखण्ड सरकार द्वारा अधिनियमित अज़ीम प्रेमजी विश्‍वविद्यालय अधिनियम, 2022 के तहत की जा रही है।
 
अज़ीम प्रेमजी फ़ाउण्डेशन इन तीनों विश्वविद्यालयों की प्रायोजक संस्‍था है। फ़ाउण्डेशन सामाजिक हित और न्यायपूर्ण, समानता, मानवता और सस्टेनेबल समाज बनाने के मकसद से विश्वविद्यालयों की स्थापना कर रहा है।

Chandra Infra Ltd का रियल एस्टेट सेक्टर में भव्य आगमन, वैष्णोदेवी सर्किल के पास लग्ज़री प्रोजेक्ट का ब्रॉशर 8 फरवरी को होगा लॉन्च


अहमदाबाद के रियल एस्टेट सेक्टर में एक नया और अहम बदलाव देखने को मिल रहा है। तेजी से विकसित हो रहे इस शहर में अब Chandra Infra Ltd अपने पहले रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के साथ आधिकारिक रूप से एंट्री करने जा रही है। कंपनी अपने इस बहुप्रतीक्षित लग्ज़री रेज़िडेंशियल प्रोजेक्ट का ब्रॉशर लॉन्च 8 फरवरी को Hotel Hillock में आयोजित करेगी।

यह लॉन्च इवेंट केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अहमदाबाद के प्रीमियम हाउसिंग मार्केट के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। उद्योग जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि Chandra Infra Ltd किस तरह अपने पहले प्रोजेक्ट के ज़रिए बाज़ार में अपनी पहचान बनाती है।

अहमदाबाद रियल एस्टेट में उभरता हुआ नया नाम

पिछले कुछ वर्षों में अहमदाबाद ने इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोड नेटवर्क और अर्बन डेवलपमेंट के क्षेत्र में तेज़ रफ्तार पकड़ी है। एसजी हाईवे, मेट्रो प्रोजेक्ट्स और नए कमर्शियल ज़ोन के चलते शहर अब प्रीमियम रियल एस्टेट के लिए एक आकर्षक डेस्टिनेशन बन चुका है। ऐसे माहौल में Chandra Infra Ltd का प्रवेश एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

कंपनी का मानना है कि बदलती जीवनशैली और क्वालिटी हाउसिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए यह सही समय है जब एक सोच-समझकर तैयार किया गया लग्ज़री रेज़िडेंशियल प्रोजेक्ट पेश किया जाए।

वैष्णोदेवी सर्किल के पास प्राइम लोकेशन का चयन

Chandra Infra Ltd का यह पहला प्रोजेक्ट अहमदाबाद के तेजी से विकसित होते क्षेत्र Vaishnodevi Circle के पास स्थित है। यह इलाका एसजी हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और शॉपिंग डेस्टिनेशन्स की नज़दीकी के लिए जाना जाता है।

रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार, वैष्णोदेवी सर्किल आने वाले वर्षों में निवेश के लिहाज़ से और भी मजबूत लोकेशन बन सकता है। इसी कारण इस प्रोजेक्ट को लेकर होमबायर्स और इन्वेस्टर्स दोनों के बीच उत्सुकता देखी जा रही है।

2 BHK, 3 BHK और एक्सक्लूसिव पेंटहाउस की पेशकश

इस प्रीमियम रेज़िडेंशियल प्रोजेक्ट में 2 BHK और 3 BHK के आधुनिक अपार्टमेंट्स के साथ-साथ सीमित संख्या में एक्सक्लूसिव पेंटहाउस शामिल किए गए हैं। हर यूनिट को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि स्पेस का अधिकतम उपयोग हो, साथ ही प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन बना रहे।

कंपनी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट उन परिवारों और प्रोफेशनल्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो शहर के भीतर रहते हुए एक शांत, सुरक्षित और प्रीमियम जीवनशैली की तलाश में हैं।

आधुनिक आर्किटेक्चर और लाइफस्टाइल पर फोकस

परियोजना में आधुनिक आर्किटेक्चर, प्रीमियम कंस्ट्रक्शन क्वालिटी और सुव्यवस्थित प्लानिंग पर खास ध्यान दिया गया है। हरियाली से भरपूर ओपन स्पेसेज़, वॉकिंग एरिया, बच्चों के लिए प्ले ज़ोन और चुनिंदा लाइफस्टाइल सुविधाओं को शामिल कर इसे केवल एक रेज़िडेंशियल कॉम्प्लेक्स नहीं, बल्कि एक कम्प्लीट लाइफस्टाइल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

सुरक्षा और प्राइवेसी को भी प्रोजेक्ट की प्राथमिकताओं में रखा गया है, जो आज के होमबायर्स के लिए एक अहम पहलू माना जाता है।

ब्रॉशर लॉन्च इवेंट को लेकर खास तैयारियां

8 फरवरी को होने वाले ब्रॉशर लॉन्च कार्यक्रम को लेकर खास तैयारियां की जा रही हैं। कार्यक्रम में देश और विदेश से जुड़ी जानी-मानी हस्तियों, वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कुछ नामों की मौजूदगी की संभावना जताई जा रही है। इससे यह साफ है कि कंपनी अपने पहले ही प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर पेश करने की योजना बना रही है।

Chandra Infra Ltd की डायरेक्टर टीम

इस प्रोजेक्ट के पीछे Chandra Infra Ltd की एक अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर की डायरेक्टर टीम काम कर रही है। कंपनी के डायरेक्टर्स में Dr. Vijay Jain, Ms. Jenifer (UAE), Mr. Hanif Sayed (UAE), Mr. Bhupesh Shah (मुंबई के वरिष्ठ आर्किटेक्ट), Ms. Ranu (UAE) और Mr. Subhash Shah (बेल्जियम) शामिल हैं।

कंपनी से जुड़े जानकारों के अनुसार, यह टीम रियल एस्टेट, आर्किटेक्चर और इंटरनेशनल बिज़नेस का व्यापक अनुभव रखती है, जिसका सीधा लाभ इस प्रोजेक्ट की प्लानिंग और एग्जीक्यूशन में देखने को मिलेगा।

Infiniverse Group की Luxury Fashion Week की भी होगी घोषणा

इसी कार्यक्रम से जुड़ी एक और बड़ी खबर यह है कि Infiniverse Group द्वारा प्रस्तुत Luxury Fashion Week को लेकर भी इसी मंच से औपचारिक घोषणा की जाएगी। यह फैशन वीक लग्ज़री, डिज़ाइन और इंटरनेशनल फैशन ट्रेंड्स को एक साथ लाने का प्रयास होगा, जिससे अहमदाबाद के लाइफस्टाइल इकोसिस्टम को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

निवेशकों और होमबायर्स की उम्मीदों पर 100% खरा उतरने का भरोसा

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह से लोकेशन, डिज़ाइन, कंस्ट्रक्शन क्वालिटी और अनुभवी डायरेक्टर टीम सामने आ रही है, उसे देखते हुए यह प्रोजेक्ट निवेशकों और होमबायर्स की उम्मीदों पर 100 प्रतिशत खरा उतरेगा

Chandra Infra Ltd का यह कदम साफ संकेत देता है कि कंपनी केवल एक प्रोजेक्ट तक सीमित रहने के बजाय, अहमदाबाद के प्रीमियम रियल एस्टेट सेगमेंट में एक भरोसेमंद और मजबूत पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह प्रोजेक्ट किस तरह शहर के रियल एस्टेट परिदृश्य को नई दिशा देता है।