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12 फरवरी को भारत बंद | क्या रहेगा खुला और क्या बंद? जानिए पूरी जानकारी

देशभर के केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी 2026 (गुरुवार) को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल (भारत बंद) का आह्वान किया है। इस हड़ताल से बैंकिंग, परिवहन और सरकारी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।


भारत के 10 से अधिक ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार की श्रम, कृषि और आर्थिक नीतियों के विरोध में इस बंद का आह्वान किया है। यह हड़ताल स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विभिन्न राज्यों में सार्वजनिक बैंकिंग, परिवहन और सरकारी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती है।

ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की महासचिव अमरजीत कौर ने पीटीआई से कहा कि 12 फरवरी की हड़ताल में “कम से कम 30 करोड़ श्रमिक भाग लेंगे।” उन्होंने बताया कि यह बंद देश के करीब 600 जिलों को प्रभावित कर सकता है।

हड़ताल क्यों हो रही है?

INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC समेत 10 ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने इस हड़ताल का ऐलान किया है। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने भी इसका समर्थन किया है।

यूनियनों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • नवंबर 2025 में अधिसूचित चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) को रद्द किया जाए

  • ड्राफ्ट सीड बिल वापस लिया जाए

  • बिजली संशोधन विधेयक को वापस लिया जाए

  • ‘सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (SHANTI) Act’ को निरस्त किया जाए

  • मनरेगा (MGNREGA) को बहाल किया जाए

  • ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ को रद्द किया जाए

  • प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध

पीटीआई के अनुसार, अमरजीत कौर ने कहा कि ओडिशा और असम में पूर्ण बंद रहने की संभावना है, जबकि अन्य राज्यों में भी व्यापक असर देखने को मिल सकता है।

क्या स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे?

स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने को लेकर अभी तक कोई राष्ट्रीय स्तर की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, कुछ राज्यों जैसे केरल में शिक्षक और छात्र संगठनों ने हड़ताल में भाग लेने की घोषणा की है, जिससे शैक्षणिक संस्थान बंद रह सकते हैं। अन्य राज्यों में भी स्थानीय समर्थन के आधार पर असर पड़ सकता है।

परिवहन और बैंकिंग सेवाओं पर क्या असर पड़ेगा?

  • कई क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बाधित हो सकती हैं।

  • विरोध प्रदर्शन और सड़क जाम की संभावना के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है।

  • बाजार, दुकानें और रेस्तरां प्रभावित इलाकों में बंद रह सकते हैं।

  • हवाई अड्डों के सामान्य रूप से संचालित होने की संभावना है, लेकिन यात्रियों को ट्रैफिक जाम के कारण पहले निकलने की सलाह दी गई है।

  • अस्पताल और एंबुलेंस सेवाओं पर बड़े असर की संभावना नहीं है।

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA), ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (AIBOA) और बैंक एम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (BEFI) सहित कई बैंक कर्मचारी संगठनों ने भी हड़ताल का समर्थन किया है।

एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी सहित कई बैंकों ने 12 फरवरी को संभावित सेवा बाधित होने की चेतावनी दी है।

T20 विश्व कप अभियान से पहले ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका, कप्तान मिच मार्श चोटिल

 खेल। ऑस्ट्रेलिया को टी20 विश्व कप में आयरलैंड के खिलाफ अपने पहले मुकाबले से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है। कप्तान मिच मार्श चोटिल खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं।

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मार्श को बुधवार को होने वाले मुकाबले से बाहर कर दिया गया है। उन्हें सप्ताह की शुरुआत में अभ्यास के दौरान ग्रोइन (जांघ के ऊपरी हिस्से) में गेंद लग गई थी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मैच से ठीक पहले जारी बयान में बताया कि स्कैन में अंदरूनी टेस्टिकुलर ब्लीडिंग (आंतरिक रक्तस्राव) की पुष्टि हुई है। इस मैच में ट्रैविस हेड टीम की कप्तानी कर रहे हैं।

मार्श पहले से चोटिल तेज गेंदबाज पैट कमिंस और जोश हेजलवुड के साथ जुड़ गए हैं, जिन्हें पहले ही टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था। वहीं बल्लेबाज टिम डेविड को पूरी तरह फिट होने के लिए आराम दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें बाद में टीम में शामिल किया जा सके।

हेजलवुड को घरेलू मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। उम्मीद थी कि वह सुपर एट्स चरण तक फिट हो जाएंगे, लेकिन चयनकर्ताओं ने कहा कि उन्हें अधिक रिकवरी समय की जरूरत है और रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया को तेज करना जोखिम भरा होगा।

हेजलवुड के स्थान पर फिलहाल किसी आधिकारिक रिप्लेसमेंट की घोषणा नहीं की गई है, हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अनुसार तेज गेंदबाज सीन एबॉट विकल्प के तौर पर उपलब्ध हैं।

स्टीव स्मिथ, जिन्होंने दो साल पहले अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था, को श्रीलंका बुलाया गया है ताकि वह परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल सकें और जरूरत पड़ने पर टीम में शामिल हो सकें।

ऑस्ट्रेलिया ग्रुप बी में बुधवार को अपना पहला मुकाबला खेलते हुए विश्व कप अभियान की शुरुआत कर रहा है। 2022 की चैंपियन टीम टूर्नामेंट के पांचवें दिन अपना पहला मैच खेलेगी, जो 20 टीमों के इस टूर्नामेंट का 14वां मुकाबला होगा।

मैच की पूर्व संध्या पर मार्श ने कहा, “कुछ टीमों के खिलाफ हमने ज्यादा नहीं खेला है, लेकिन हमने अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान दिया है। हमें लंबा तैयारी समय मिला, जो अच्छा रहा। कुछ खिलाड़ी पाकिस्तान दौरे पर नहीं थे, इसलिए एक हफ्ते तक टीम को साथ लाने का मौका मिला। अब विश्व कप हमारे लिए शुरू हो रहा है और हम इसके लिए उत्साहित हैं।”

ग्रुप बी में जिम्बाब्वे और श्रीलंका क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर हैं, जबकि आयरलैंड और ओमान अपने-अपने पहले मुकाबले हारकर तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।

ऑस्ट्रेलिया की तैयारियां भी आदर्श नहीं रहीं, क्योंकि उन्हें टी20 सीरीज में पाकिस्तान के खिलाफ 3-0 से हार का सामना करना पड़ा था।

डाक विभाग (डीओपी) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) ने म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन के जरिए निवेश की सुविधा बढ़ाने के लिए साझेदारी की






  नयी दिल्ली : अंत्योदय योजना के विचार, जो कि कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति तक पहुँच स्थापित करने और वर्ष 2047 तक विकसित भारत का निर्माण करने पर आधारित है, के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए भारत सरकार के संचार मंत्रालय के तहत डाक विभाग (डीओपी) और देश के सबसे बड़े रियल-टाइम फाइनेंशियल इकोसिस्टम, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) ने आज एनएसई एमएफ इन्वेस्ट प्लेटफॉर्म पर साझेदारी के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य गाँवों और छोटे शहरों के लाखों लोगों की छोटी-छोटी बचत को सही दिशा देकर उन्हें म्यूचुअल फंड निवेश के जरिए मजबूत संपत्ति में बदलना है, ताकि मानक बचत को लाभकारी म्यूचुअल फंड निवेश में लगाया जा सके।
    इस एमओयू पर डाक विभाग की महाप्रबंधक (नागरिक केंद्रित सेवाएँ और ग्रामीण व्यवसाय) सुश्री मनीषा बंसल बादल और एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी (सीबीडीओ) श्री श्रीराम कृष्णन ने एनएसई के प्रबंध निदेशक और सीईओ श्री आशीषकुमार चौहान की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
   यह रणनीतिक साझेदारी इंडिया पोस्ट के 1.64 लाख से अधिक डाकघरों के विशाल नेटवर्क (जिनमें 80% से ज्यादा ग्रामीण क्षेत्रों में हैं) और लोगों के बीच उसकी गहरी भरोसेमंद पहचान को, एनएसई के आधुनिक और बिना शुल्क वाले एनएसई एमएफ इन्वेस्ट प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ती है। आज भी भारत के सिर्फ लगभग 10% घरों तक ही म्यूचुअल फंड की पहुँच है, वह भी ज्यादातर शहरों में, जबकि उद्योग की प्रबंधित संपत्ति 81 लाख करोड़ रुपए से आगे निकल चुकी है और एसआईपी निवेश लगातार मजबूत बना हुआ है। यह पहल इसी दूरी को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
  इंडिया पोस्ट की व्यापक पहुँच और भरोसा इसे इस काम के लिए खास बनाता है। इसके जरिए करोड़ों माताएँ, किसान, दिहाड़ी मजदूर और सपने देखने वाले युवा, म्यूचुअल फंड जैसे बेहतर दीर्घकालिक निवेश विकल्पों से जुड़ सकेंगे। इससे समावेशी विकास को बल मिलेगा, घरेलू निवेश बढ़ेगा और कम रिटर्न वाले पारंपरिक विकल्पों पर निर्भरता घटेगी।

साझेदारी में एनएसई की अहम् भूमिका
   पूरी तरह एकीकृत समाधान: एनएसई एमएफ इन्वेस्ट एक पूरी तरह एकीकृत और तैयार समाधान पेश करता है, जो निवेशक की पूरी यात्रा को कवर करता है। केवाईसी से शुरुआत करते हुए मोबाइल या आधार आधारित ई-केवाईसी डाकघरों में या फिर इंडिया पोस्ट के सिस्टम/ऐप के माध्यम से की जा सकेगी। इसके बाद निवेशक ऑनबोर्डिंग, लेन-देन और बैक-ऑफिस इंटीग्रेशन तक की पूरी प्रक्रिया इसी प्लेटफॉर्म पर सुगमता से पूरी होगी।
   2,500 लीडर पहल: एनएसई ने 2,500 इंडिया पोस्ट कर्मियों के लिए एनआईएसएम सर्टिफिकेशन और ईयूआईएन रजिस्ट्रेशन का पूरा खर्च उठाने का संकल्प लिया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत में प्रमाणित वित्तीय मार्गदर्शकों की एक मजबूत टीम तैयार करना है, जो लोगों को सही निवेश की दिशा दिखा सके।
   देशव्यापी सहयोग: एनएसई सभी 23 पोस्टल सर्किल और डाक भवन में समर्पित तकनीकी और संचालन टीम तैनात करेगा, ताकि जमीनी स्तर पर 24x7 सहायता सुनिश्चित की जा सके और हर डाकघर को समय पर मार्गदर्शन मिल सके।
   सरलता से विस्तार की ओर: इस पहल की शुरुआत आसान और समझ में आने वाले मॉडल से होगी। निवेश विकल्प सीमित, विविध और छोटी-छोटी राशि से जुड़े होंगे, ताकि आम लोग बिना झिझक शुरुआत कर सकें। पहले चरण में 'डू-इट-योरसेल्फ' (डीआईवाई) मॉडल पर जोर रहेगा, जबकि एनआईएसएम सर्टिफिकेशन और नियामकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद जरूरतमंद ग्राहकों को मार्गदर्शित सहायता भी दी जाएगी। आगे चलकर यही पहल बड़े स्तर के वेल्थ मैनेजमेंट इकोसिस्टम में बदलेगी।

चरण I: भरोसे के साथ आसान शुरुआत
पहले चरण में इंडिया पोस्ट के भरोसे को आधार बनाते हुए उत्पाद ऐसे होंगे जो सीधे, सीमित और साफ समझ में आने वाले हों। छोटी और सुदृढ़ निवेश राशि, संतुलित विकल्प और सरल प्रक्रिया पर ध्यान रहेगा। डीआईवाई ग्राहकों के लिए आसान रास्ता रहेगा, वहीं प्रमाणित और नियमानुसार सहायता विकल्प भी उपलब्ध होंगे।

चरण II: सम्पूर्ण संपत्ति निर्माण की ओर
  पहले चरण के स्थिर होने के बाद यह साझेदारी पूरे म्यूचुअल फंड इकोसिस्टम तक विस्तार करेगी। 55 से अधिक एएमसी की सभी ओपन-एंडेड योजनाओं तक पहुँच, एसटीपी और एसडब्ल्यूपी जैसे उन्नत व्यवस्थित प्लान, लक्ष्य आधारित निवेश, पोर्टफोलियो विश्लेषण, स्थानीय भाषाओं में सहयोग और बेहतर सलाह सेवाएँ भी जोड़ी जाएँगी, ताकि निवेशक सही मायनों में दीर्घकालिक संपत्ति बना सकें।
  यह पहल इंडिया पोस्ट के उस उद्देश्य से पूरी तरह मेल खाती है, जिसमें निवेश को बढ़ावा देना, बचत से निवेश की आदत को मजबूत करना, तकनीक और अपने व्यापक नेटवर्क के जरिए अंतिम व्यक्ति तक सेवाएँ पहुँचाना और विविध निवेश विकल्पों से जोखिम कम करना शामिल है। इससे डाकघरों और ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) के लिए कमीशन आधारित नई आय के अवसर बनेंगे, ग्रामीण, युवा और महिला ग्राहकों से जुड़ाव और मजबूत होगा और इंडिया पोस्ट एक समग्र वित्तीय सेवा प्रदाता के रूप में अपनी पहचान और पुख्ता करेगा।
  एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री आशीषकुमार चौहान ने कहा, "हमें डाक विभाग (डीओपी) के साथ साझेदारी कर पूँजी बाजार तक पहुँच को आसान बनाने पर गर्व है। एनएसई एमएफ इन्वेस्ट का मजबूत प्लेटफॉर्म और इंडिया पोस्ट की बेजोड़ पहुँच मिलकर एक नया अध्याय लिखेंगे, जहाँ हर छोटा बचतकर्ता भी संपत्ति निर्माता बन सकेगा।"
  डाक विभाग की महाप्रबंधक (नागरिक केंद्रित सेवाएँ एवं ग्रामीण व्यवसाय) सुश्री मनीषा बंसल बादल ने कहा, "डाक विभाग ने हमेशा वित्तीय समावेशन और नागरिक केंद्रित सेवाओं को आगे बढ़ाने में अहम् भूमिका निभाई है। एनएसई के साथ यह साझेदारी हमारे ग्राहकों को आधुनिक निवेश विकल्प उपलब्ध कराएगी, साथ ही निवेशक सुरक्षा, पारदर्शिता और नियामकीय अनुपालन के उच्च मानकों को बनाए रखेगी।"
   एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी (सीबीडीओ) श्री श्रीराम कृष्णन ने कहा, "बेहतर एकीकरण, प्रशिक्षण और निरंतर सहयोग के जरिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि इंडिया पोस्ट वितरण पर ध्यान दे सके, जबकि तकनीकी आधार की पूरी जिम्मेदारी हम संभालेंगे।"
 यह साझेदारी मानक बचत को उत्पादक पूँजी बाजार से जोड़ने, परिवारों और समुदायों को आर्थिक रूप से मजबूत करने और भारत की संतुलित व समावेशी विकास यात्रा को आगे बढ़ाने का साझा अवसर है।

इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'




 


- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे 

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला। 

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें। 

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे। 

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक: लाल चौक पर ऐतिहासिक भगवा ध्वज के साथ 'शतक' ध्वज यात्रा की सफल शुरुआत




 


  मुंबई : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों पर आधारित फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ के प्रचार हेतु निकाली गई 'शतक' ध्वज यात्रा ने श्रीनगर से पंजाब तक अपना पहला चरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इस यात्रा ने श्रीनगर, जम्मू और लुधियाना में लोगों को एक सूत्र में बाँधते हुए एकता, राष्ट्रभाव की भावना को सशक्त किया।

  यात्रा की शुरुआत श्रीनगर के प्रसिद्ध लाल चौक से हुई, जहाँ स्वतंत्रता के बाद पहली बार भगवा ध्वज गर्व के साथ लहराया गया। इस अवसर पर ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों ने वातावरण को देशभक्ति से भर दिया। बड़ी संख्या में नागरिक यात्रा में शामिल हुए और यह क्षण सामूहिक एकता का सशक्त प्रतीक बन गया।

  जम्मू में शतक ध्वज यात्रा का जनता द्वारा दिल खोलकर स्वागत किया गया। यहाँ यात्रा ने सेवा, अनुशासन और एकता के उस भाव को आगे बढ़ाया, जो संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवारजी और गुरुजी गोलवलकर के विचारों से प्रेरित है। 

  यात्रा का पहला चरण लुधियाना में आकर संपन्न हुआ, जहाँ पारंपरिक ढोल की गूंज, लोगों की बड़ी भागीदारी और संघ के 100 वर्षों के प्रतीक के रूप में 100 बाइक्स की रैली ने पूरे शहर को उत्साह और गर्व से भर दिया। इसके बाद समाज के लिए निःस्वार्थ सेवा करने वाले सेवकों को सम्मानित करने हेतु एक सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया।

 इस अवसर पर आरएसएस के कार्यकर्ता और निर्माता वीर कपूर ने कहा, “लाल चौक से शतक ध्वज यात्रा की शुरुआत होना, जहाँ स्वतंत्रता के बाद एक बार फिर भगवा ध्वज लहराया गया और ‘वंदे मातरम्’ के नारे गूँजे। यह मेरे लिए बहुत गर्व और भावनाओं से भरा क्षण था। शतक: द फिल्म और इस यात्रा के माध्यम से हम संघ के सौ वर्षों की सेवा और उस एकता का उत्सव मना रहे हैं, जो हमारे देश को एक सूत्र में बाँधती है।”

 वीर कपूर द्वारा पैनोरमा स्टूडियो के सहयोग से निर्मित, आशिष तिवारी द्वारा सह-निर्मित और आशिष मल्ल द्वारा निर्देशित फिल्म ‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ 19 फरवरी, 2026 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है।

422 किलों के नाम से साकार हुआ शिवछत्रपति महाराज का ऐतिहासिक आविष्कारक चित्र

Shivaji Maharaj 422 Forts Names Portrait



 

  कल्याण/ महाराष्ट्र । 19 फरवरी छत्रपति शिव जयंती के अवसर पर प्रो. डॉ. दिनेश गुप्ता आनंदश्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा जीते गए 422 ऐतिहासिक किलों के नामों से निर्मित शिवछत्रपति महाराज का एक अद्वितीय और आविष्कारक चित्र तैयार कर इतिहास, कला और शोध का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया है। यह चित्र न केवल एक कलाकृति है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण सबक और जीवंत प्रेरणा भी समाहित किए हुए है।
   इस प्रेरणादायक कृति की सोच उन्हें पिछले वर्ष उस समय मिली, जब छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े 12 ऐतिहासिक किलों को यूनेस्को द्वारा ‘वर्ल्ड हेरिटेज’ का दर्जा प्रदान किया गया। उसी क्षण प्रो. डॉ. गुप्ता ने यह संकल्प लिया कि शिवाजी महाराज के पराक्रम, रणनीति और राष्ट्रनिर्माण की भावना को एक ऐसे चित्र में ढाला जाए, जो आने वाली पीढ़ियों को इतिहास से जोड़ सके।
   इस पूरे पोर्ट्रेट को साकार करने में डॉ. गुप्ता को लगातार दो दिन का समय लगा। इस रचना का सबसे चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण पक्ष रहा—
   सभी 422 किलों पर गहन शोध, उनके सही नाम, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और फिर उन्हें अत्यंत सूक्ष्म कलात्मक शैली में शिवाजी महाराज के चेहरे और तेजस्वी व्यक्तित्व में रूपांतरित करना।
यह चित्र केवल एक दृश्य कला नहीं, बल्कि—शिवाजी महाराज के शौर्य और नेतृत्व का ऐतिहासिक दस्तावेज, भारतीय संस्कृति और इतिहास के गौरव का दृश्य रूप तथा राष्ट्रप्रेरणा और आत्मगौरव का सशक्त प्रतीक है।
   विशेष उल्लेखनीय है कि प्रो. डॉ. दिनेश गुप्ता आनंदश्री इससे पूर्व भी अपनी आविष्कारक कला के माध्यम से छह बार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। उनका मानना है कि “पुरस्कार मिले या न मिले, आविष्कार की प्रक्रिया हर दिन चलती रहनी चाहिए।”
  उनका यह चित्र आने वाली पीढ़ी को यह संदेश देता है कि इतिहास को केवल पढ़ा ही नहीं, बल्कि रचनात्मकता, शोध और समर्पण के साथ जिया भी जा सकता है। प्रो. डॉ. गुप्ता का यह प्रयास कला को साधना और इतिहास को प्रेरणा में बदलने वाला एक महत्वपूर्ण योगदान माना जा रहा है।

ऑपरेशन वाइल्ड्लाइफ ट्रैप-2 मे वन विभाग ने एक तेंदुआ शावक का सफल रेस्क्यू किया

"Leopard cub rescue Operation Wildlife Trap-2"



 

  Dhar। वन मण्डल धार मे दिनांक 05/02/2026 को ग्रामीणों द्वारा सूचना दी गई की दो तेंदुआ शावक पेड़ के ऊपर चड़े हुए है तत्काल वन विभाग का रेस्क्यू दल वनमण्डलअधिकारी धार विजयआनंदम टी आर के मार्गदर्शन मे मौका स्थल पर पहुच कर ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर किया पश्चात दो शावकों की पुष्टि की गई। भीड़ के हटते ही एक शावक जंगल की और भाग गया लेकिन दूसरा शावक जो लगभग 5-6 माह का था जख्मी लग रहा था और नीचे उतरते ही गिर गया। स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया की कुत्तों द्वारा शावक को घायल कर दिया गया था । रेस्क्यू उपकरणों के सहयोग से वन स्टाफ द्वारा घायल शावक को तत्काल कुक्षी मे रेंजर कार्यालय लाकर वेटेनरी डॉक्टर की टीम से प्राथमिक उपचार कराया । डॉक्टर रीना द्वारा शावक को जिला अस्पताल बड़वानी रिफर किया । डॉक्टर महेंद्र बघेल, बड़वानी द्वारा परीक्षण उपरांत शावक की गंभीर हालत के बारे मे बताया एवं तत्काल महू वेटेरनरी अस्पताल मे ले जाने की सलाह दी । डीएफओ धार द्वारा मुख्यालय भोपाल से शावक के इलाज हेतु विशेष अनुमति ली गई । महू मे डॉ. परिहार एवं टीम द्वारा रात्री 12 से 3 बजे तक घायल शावक की सर्जरी एवं आवश्यक उपचार किया एवं 15 घंटे विशेष निगरानी मे रखा । शावक को गले, पसलीयो एवं पिछले पैरों मे गंभीर चोटे आई थी । निगरानी उपरांत आगामी 10 दिवस तक विशेष चिकित्सीय एवं विभागीय निगरानी की सलाह दी गई । शावक को वन विहार राष्ट्रीय पार्क मे विशेष वाहन से ले जाया गया जहा एक्सपर्ट की निगरानी मे शावक की आगमी देखभाल की जाएगी । डीएफओ धार द्वारा गंभीर घायल शावक हेतु सभी आवश्यक प्रयास किए एवं सूचना प्राप्त होने से मात्र 40 घंटे मे सभी संभव प्रयास कर वन विहार भोपाल मे सुरक्षित भिजवाया । सम्पूर्ण कार्यवाही मे टीम का नेतृत्व डॉ शैलेन्द्र सोलंकी रेंजर कुक्षी द्वारा किया गया एवं वन स्टाफ के राकेश तंवर, अलपेन्द्र जाधव, कपिल गोस्वामी (वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट), वाहन चालकों द्वारा सम्पूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन मे उल्लेखनीय प्रयास किए । वन स्टाफ द्वारा सभी वन क्षेत्र एवं राजस्व क्षेत्र मे सघन गश्त की जा रही है एवं लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी एवं वन्यप्राणियों को किसी भी प्रकार से छेड़खानी न करने एवं दूर रहने की हिदायत दी गई ।