BREAKING NEWS
latest
TIMES OF MALWA
DIGITAL SERVICES
PR • MEDIA PROMOTION • SEO • NEWS COVERAGE • CGI ADS • SOCIAL MEDIA
TIMES OF MALWA
PR • SEO • CGI ADS • NEWS PROMOTION
VISIT NOW
News
News

राज्य

राज्य/block-5

आपके शहर की खबर

आपके शहर की खबर/block-3

राजनीति

राजनीति/block-6

मनोरंजन

मनोरंजन/block-6

धर्म

धर्म/block-3

"खेल"

खेल/block-3

"लेख"

लेख/block-3

ख़बरें जरा हटके

ख़बरें जरा हटके/block-10

स्टोरी

स्टोरी/block-7

आपकी बायोग्राफी

आपकी बायोग्राफी/block-11

बिज़नेस

बिज़नेस/block-10

Latest Articles

वायरल BAT-BMS वीडियो के बाद भारत में EV सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता; TraceX Labs ने जारी की विस्तृत BMS सुरक्षा एडवाइजरी

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो ने भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) इकोसिस्टम, विशेष रूप से ई-रिक्शा सेक्टर में उपयोग किए जाने वाले बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) की साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। इन वीडियो में कुछ लोग ब्लूटूथ आधारित मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करके पास में खड़े ई-रिक्शा की बैटरी प्रणाली से कनेक्ट होते हुए दिखाई देते हैं, जिससे वाहन की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं।

इन घटनाओं ने ई-रिक्शा चालकों, फ्लीट ऑपरेटरों, बैटरी निर्माताओं, सर्विस इंजीनियरों और नियामक एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, वैसे-वैसे बैटरी सिस्टम की साइबर सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती जा रही है।

विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कुछ Bluetooth-सक्षम Battery Management Systems (BMS) ऐसे पाए गए हैं जिनमें पर्याप्त सुरक्षा प्रबंधन नहीं है। कुछ मामलों में ये सिस्टम डिफॉल्ट पासवर्ड, कमजोर ऑथेंटिकेशन या बिना किसी एक्सेस कंट्रोल के कार्य करते हैं। यदि ऐसा BMS सही तरीके से सुरक्षित नहीं किया गया हो, तो उसके ब्लूटूथ रेंज में मौजूद कोई भी व्यक्ति संगत मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से उससे कनेक्ट होने का प्रयास कर सकता है।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह मामला मैलवेयर, वायरस या इंटरनेट के माध्यम से होने वाली रिमोट हैकिंग का नहीं है। यह Bluetooth Low Energy (BLE) के माध्यम से स्थानीय (Local) वायरलेस संचार से संबंधित सुरक्षा समस्या है। यदि किसी BMS में उचित सुरक्षा नियंत्रण मौजूद नहीं हैं, तो अनधिकृत व्यक्ति कुछ डायग्नोस्टिक या नियंत्रण संबंधी फ़ंक्शनों तक पहुँच सकता है।

TraceX Labs ने जारी की तकनीकी सुरक्षा एडवाइजरी

बढ़ती चिंताओं के बीच TraceX Labs ने इस विषय पर एक विस्तृत साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसका शीर्षक है:

"Unauthorized Over-the-Air Disruption of EV Battery Management Systems (BMS) via Unauthenticated Bluetooth Low Energy (BLE) Controls"

यह तकनीकी रिपोर्ट Battery Management Systems में मौजूद संभावित सुरक्षा कमजोरियों, उनके प्रभाव, हमले की संभावित कार्यप्रणाली तथा तत्काल और दीर्घकालिक समाधान का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती है।

TraceX Labs के अनुसार यह कोई अत्याधुनिक साइबर हमला नहीं, बल्कि कुछ Battery Management Systems में मौजूद सुरक्षा कमियों का परिणाम है।

रिपोर्ट के अनुसार कुछ BMS में निम्नलिखित सुरक्षा कमजोरियाँ देखी जा सकती हैं—

  • महत्वपूर्ण Bluetooth फ़ंक्शनों के लिए Authentication का अभाव।
  • डिफॉल्ट या सार्वजनिक रूप से ज्ञात Bluetooth PIN का उपयोग।
  • बैटरी के संवेदनशील नियंत्रणों पर पर्याप्त एक्सेस कंट्रोल का न होना।
  • Device Whitelisting या Access Control Mechanism का अभाव।
  • Bluetooth इंटरफेस का लगातार सार्वजनिक रूप से Discoverable रहना।

यदि ये परिस्थितियाँ मौजूद हों, तो Bluetooth रेंज में मौजूद कोई व्यक्ति संगत एप्लिकेशन का उपयोग करके Battery Management System से कनेक्ट हो सकता है।

यह जोखिम कितना गंभीर है?

Battery Management System किसी भी लिथियम-आयन बैटरी का सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा घटक होता है। यही सिस्टम बैटरी के वोल्टेज, तापमान, चार्जिंग, डिस्चार्जिंग, सेल बैलेंसिंग तथा अन्य सुरक्षा कार्यों की निगरानी करता है।

यदि किसी असुरक्षित BMS तक अनधिकृत पहुँच प्राप्त हो जाए, तो इसके संभावित प्रभाव निम्न हो सकते हैं—

  • चलते वाहन की शक्ति अचानक बाधित होना।
  • सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ना।
  • यात्रियों और चालक की सुरक्षा प्रभावित होना।
  • फ्लीट ऑपरेटरों को आर्थिक नुकसान।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति लोगों का विश्वास कम होना।

हालाँकि, TraceX Labs स्पष्ट करता है कि यह जोखिम हर इलेक्ट्रिक वाहन या हर Battery Management System पर लागू नहीं होता। इसका प्रभाव संबंधित बैटरी मॉडल, हार्डवेयर, फर्मवेयर और सुरक्षा कॉन्फ़िगरेशन पर निर्भर करता है।

TraceX Labs द्वारा सुझाए गए तत्काल सुरक्षा उपाय

एडवाइजरी में Battery Manufacturers, EV Manufacturers, Fleet Operators तथा वाहन मालिकों के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं—

  • डिफॉल्ट Bluetooth पासवर्ड तुरंत बदलें।
  • Bluetooth Advertising Mode बंद करें।
  • केवल अधिकृत डिवाइसों को Pairing की अनुमति दें।
  • निर्माता द्वारा उपलब्ध Firmware Updates इंस्टॉल करें।
  • यदि Bluetooth की आवश्यकता न हो, तो External BLE Module को हटाएँ या डिस्कनेक्ट करें।
  • Battery Management System का नियमित Security Audit कराएँ।

रिपोर्ट में निर्माताओं को भविष्य के BMS डिज़ाइन में मजबूत Authentication, Encrypted Communication, Secure Pairing, Secure Firmware Updates तथा Secure-by-Default Architecture अपनाने की भी सलाह दी गई है।

भारत के EV उद्योग के लिए महत्वपूर्ण संदेश

भारत आज दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक मोबिलिटी बाज़ारों में से एक है। लाखों ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक दोपहिया और अन्य इलेक्ट्रिक वाहन स्मार्ट Battery Management Systems का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा अब केवल आईटी का विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह सड़क सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय EV अवसंरचना का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।

TraceX Labs ने निर्माताओं, बैटरी असेंबलरों, फ्लीट ऑपरेटरों तथा नियामक संस्थाओं से Battery Management Systems की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और भविष्य के उत्पादों में मजबूत सुरक्षा मानकों को अपनाने का आग्रह किया है।

विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट उपलब्ध

TraceX Labs द्वारा प्रकाशित पूर्ण सुरक्षा रिपोर्ट में निम्नलिखित विषय शामिल हैं—

  • Executive Summary
  • Technical Threat Analysis
  • Battery Management System Architecture
  • Bluetooth Attack Methodology
  • भारत के EV इकोसिस्टम का जोखिम मूल्यांकन
  • Immediate Mitigation Guidance
  • Hardware Mitigation Procedure
  • Software Security Configuration
  • Manufacturer Recommendations
  • Regulatory Recommendations
  • Supply Chain Risk Assessment
  • Long-Term Cybersecurity Framework

जैसे-जैसे भारत का इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र आगे बढ़ रहा है, Battery Management Systems की साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाना भविष्य की सुरक्षित, विश्वसनीय और टिकाऊ इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए अत्यंत आवश्यक होगा।

मोहनखेड़ा महातीर्थ में दिगंबर-श्वेतांबर संतों का ऐतिहासिक मिलन,आचार्य श्री सुनील सागर जी की हुई भव्य आगवानी







 



  धार (मध्यप्रदेश)। मोहनखेड़ा महातीर्थ बुधवार 1 जुलाई को आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर था। परम पूज्य चतुर्थ पट्टाचार्य, प्राकृत ज्ञान केसरी आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी महाराज (दिगंबर जैन संत) का ससंघ मंगल प्रवेश हुआ। श्री आदिनाथ जैन श्वेतांबर पेढ़ी ट्रस्ट, मोहनखेड़ा महातीर्थ ने आचार्य श्री की भव्य अगवानी की।

  इस अवसर पर दिगंबर और श्वेतांबर समुदाय के संतों का मिलन हुआ, जो अपने आप में ऐतिहासिक रहा। मोहनखेड़ा महातीर्थ पर विराजमान गच्छाधिपति आचार्य श्री हितेश चंद्र विजयजी महाराज, मुनि श्री दिव्यचंद्र जी महाराज, मुनि श्री रजतचंद्र विजय जी महाराज एवं मुनि श्री पुष्पेंद्र विजय जी महाराज और  सहित श्वेतांबर संतगण भी उपस्थित रहे। दोनों संप्रदायों के संतों की इस संयुक्त उपस्थिति ने जैन समाज में एकता और सौहार्द का संदेश दिया।











  आचार्य श्री सुनील सागर जी महाराज ने प्रभु श्री आदिनाथ भगवान के मंदिर में दर्शन-वंदन किए तथा दादा गुरुदेव श्रीमद्विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी महाराज के मंदिर में भी दर्शन-वंदन किए। इसके बाद आचार्य श्री ने महातीर्थ स्थित श्री राजेंद्र विद्या शोध संस्थान पुस्तकालय का अवलोकन किया। पुस्तकालय के बारे में के.सी. जैन ने आचार्य श्री को विस्तृत जानकारी दी।

  आचार्य श्री ने पुस्तकालय में उपलब्ध कुछ प्रमुख पुस्तकों पर हस्ताक्षर करके संस्थान को अपना स्नेह प्रदान किया तथा संस्थान के विकास के लिए बहुमूल्य सुझाव भी दिए। उनके सुझावों से शोध कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस पूरे अवसर पर दोनों संप्रदायों के श्रद्धालुओं में अपार उत्साह और आध्यात्मिक श्रद्धा का वातावरण रहा।

RAK ICC ने रास अल खैमाह में नया व्यापार केंद्र का उद्घाटन किया

रास अल खैमाह सिटी, UAE

RAK इंटरनेशनल कॉर्पोरेट सेंटर (RAK ICC), जो प्राइवेट वेल्थ और क्रॉस-बॉर्डर स्ट्रक्चरिंग के लिए UAE की लीडिंग इंटरनेशनल कॉर्पोरेट रजिस्ट्री में से एक है, ने आज रास अल खैमाह में अपने नए व्यापार केंद्र के उद्घाटन की घोषणा की - यह एक नई जगह है जिसे खास तौर पर सलाहकारों, उद्यमियों, पारिवारिक निवेश कार्यालय और अंतरराष्ट्रीय परिवारों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो UAE में प्रोफेशनल और लंबे समय तक चलने वाली मौजूदगी चाहते हैं।

1 जुलाई 2026 को ऑफिशियली खुलने वाला यह व्यापार केंद्र, अमीरात के अंदर एक ज़्यादा कनेक्टेड और रिलेशनशिप-ड्रिवन प्राइवेट वेल्थ इकोसिस्टम बनाने के RAK ICC के बड़े दृष्टिकोण को दिखाता है।

RAK ICC के मुख्यालय में मौजूद यह सेंटर , प्रमुख परिवहन और व्यावसायिक केंद्रों  तक आसान पहुंच प्रदान करता है। यह दुबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से लगभग 45 मिनट की दूरी पर और रास अल खैमाह के खास कारोबारी जिला के पास है। आधुनिक, आकर्षक और स्वागतयोग्य माहौल को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस केंद्र में केवल कार्यालय की सुविधा ही नहीं, बल्कि एक प्रोफेशनल माहौल भी है। यहाँ सलाहकार और ग्राहक मिल सकते हैं, साथ मिलकर काम कर सकते हैं और लंबे समय के संबंध बना सकते हैं।

यह उद्घाटन ऐसे समय में हुआ है जब UAE अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोबाइल एंटरप्रेन्योर्स, इन्वेस्टर्स और प्राइवेट कैपिटल के लिए एक ग्लोबल डेस्टिनेशन के तौर पर अपनी जगह मज़बूत कर रहा है। जैसे-जैसे परिवार सक्सेशन प्लानिंग, गवर्नेंस और लंबे समय तक पैसे बचाने में मदद के लिए बेहतर स्ट्रक्चर की तलाश कर रहे हैं, ऐसे ज्यूरिस्डिक्शन की मांग बढ़ रही है जो कानूनी निश्चितता को एक्सेसिबिलिटी, फ्लेक्सिबिलिटी और पर्सनल एंगेजमेंट के साथ जोड़ते हैं।

UAE में चल रहे 46 से ज़्यादा फ्री ज़ोन में से सिर्फ़ तीन जगहों पर ही फ़ाउंडेशन हैं। RAK ICC इस लैंडस्केप में एक खास जगह रखता है, क्योंकि यह अकेला नॉन-फ़ाइनेंशियल सेंटर है जो खास तौर पर प्राइवेट वेल्थ स्ट्रक्चरिंग पर फ़ोकस करता है, और अंतरराष्ट्रीय परिवारों, उद्यमियों और सलाहकारों को पीढ़ियों और सीमाओं के पार लंबे समय तक चलने वाले विरासत संरचना करने में मदद करता है।

नया व्यवसाय केंद्र इस बढ़ते हुए समुदाय को सहायता प्रदान करने के लिए बनाया गया है।

आवश्यकता-आधारित कार्यक्षेत्र समाधान और प्रोफेशनल बिज़नेस सर्विसेज़ के अलावा, ग्राहकों को RAK ICC के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार, कॉर्पोरेट सर्विस प्रोवाइडर्स और वेल्थ स्ट्रक्चरिंग प्रोफेशनल्स के बड़े इकोसिस्टम में इंटीग्रेशन से फायदा होगा। यह सेंटर उन कंपनियों को भी सपोर्ट करता है जो UAE में ऑपरेशनल प्रेजेंस और सब्सटेंस बनाना चाहती हैं, और साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ज्यूरिस्डिक्शन से जुड़े रहना चाहते हैं।

 RAK ICC की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर Sandra Marie Louw ने कहा, “ यह व्यापार केंद्र केवल कार्यालय स्थान से कहीं अधिक महत्व रखता है। यह रास अल खैमाह में प्राइवेट वेल्थ समुदाय के लिए एक प्रोफेशनल घर बनाने के हमारे दृष्टिकोण को दिखाता है - यह ऐसा स्थान है, जहां सलाहकार, उद्यमी और अंतरराष्ट्रीय परिवार आपसी विश्वास पर आधारित संबंध बना सकते हैं और भविष्य के लिए दीर्घकालिक संरचनाएं विकसित कर सकते हैं।

 निजी संपत्ति का मामला बहुत व्यक्तिगत होता है।हर फ़ैमिली ऑफ़िस, होल्डिंग स्ट्रक्चर या फ़ाउंडेशन के पीछे निरंतरता, जिम्मेदारी और विरासत की एक कहानी होती है। हम एक ऐसा माहौल बनाना चाहते थे जो इस सच्चाई को समझे - प्रोफ़ेशनल और इंटरनेशनली कनेक्टेड, साथ ही एक्सेसिबल, पर्सनल और रिलेशनशिप-ड्रिवन भी रहे।“

यह उद्घाटन RAK ICC के इंटरनेशनल स्ट्रक्चरिंग, सक्सेशन प्लानिंग और प्राइवेट वेल्थ सॉल्यूशंस के लिए एक लीडिंग ज्यूरिस्डिक्शन के तौर पर लगातार विकास का हिस्सा है, जो UAE के बड़े वेल्थ मैनेजमेंट लैंडस्केप में रास अल खैमाह की बढ़ती भूमिका को और मज़बूत करता है। 

Media Contact Details

RAK ICC
+971 7 207 7177
info@rakicc.com

असम की Puja Saikia : नगांव में 'Handicrafft Spot' से कर रही हैं महिलाओं को सशक्त


असम के नगांव जिले में लाओखोवा रोड (Laokhowa Road) पर स्थित एक छोटे से गांव की युवा लड़की Puja Saikia खामोशी से अपने आस-पास के लोगों का जीवन बदल रही हैं। बिना किसी की मदद के, पूजा ने अपना खुद का बुके (गुलदस्ता) बनाने का वर्कशॉप शुरू किया और आज उनका यह काम पूरे असम की महिलाओं को प्रेरित कर रहा है।
​पूजा ने अपने वर्कशॉप में 20 महिलाओं के साथ इस सफर की शुरुआत की और उन्हें अपने हाथों से सुंदर बुके बनाना सिखाया। उन्होंने सिर्फ एक बिजनेस नहीं खोला, बल्कि उन महिलाओं के लिए अवसरों का एक नया दरवाजा खोला जो कुछ नया सीखना और अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थीं। देखते ही देखते पूरे असम से महिलाओं ने उनके वर्कशॉप में दिलचस्पी दिखाई। बुके बनाने की कला सीखने की डिमांड अब इतनी बढ़ गई है कि उनके वर्कशॉप में शामिल होने के लिए लोगों को अपनी सीट एडवांस में बुक करानी पड़ती है।
उनका बिजनेस 'हैंडीक्राफ्ट स्पॉट' अब सिर्फ एक छोटा वर्कशॉप नहीं रह गया है। आज यह एक जाना-माना नाम बन चुका है, जहां से आप बेहतरीन बुके और लड़कियों के लिए हर तरह की हैंडमेड (हाथ से बनी) एक्सेसरीज खरीद सकते हैं। यहां बिकने वाली हर चीज पूरी रचनात्मकता और प्यार के साथ हाथों से बनाई जाती है।
​पूजा के सपने बहुत बड़े हैं। वह आने वाले दिनों में अपने वर्कशॉप का विस्तार करने की योजना बना रही हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं यहां जुड़ सकें और सम्मान के साथ नई कला सीखकर पैसे कमा सकें।
​नगांव से शुरू हुई उनकी यह कहानी इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि अगर एक महिला ठान ले, तो वह शून्य से भी एक खूबसूरत मुकाम हासिल कर सकती है और पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन सकती है।

भव्य शिव मंदिर भूमि पूजन समारोह में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब,आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि जी महाराज के सान्निध्य में हुआ शुभारंभ








 




श्रीमती सावित्री ठाकुर के आमंत्रण पर आदिवासियों के छोटे से गाँव कालीकिराय पधारे आचार्य

     धार । धार जिले की धरमपुरी तहसील अंतर्गत आदिवासी अंचल के ग्राम कालीकिराय में प्रस्तावित भव्य शिव मंदिर के भूमि पूजन समारोह का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ गुरूवार को संपन्न हुआ। परम पूज्य श्री श्री 1008 निरंजन पीठाधीश्वर, आचार्य महामण्डलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के पावन सान्निध्य, आशीर्वाद एवं मंगलमय प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित हुए।
     कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। भूमि पूजन के दौरान संपूर्ण वातावरण हर-हर महादेव एवं जय श्रीराम के उद्घोषों से भक्तिमय हो उठा। संत-महात्माओं के सान्निध्य में मंदिर निर्माण के इस पावन कार्य की शुरुआत को क्षेत्र के धार्मिक एवं सांस्कृतिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
      इस अवसर पर पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में सनातन धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन संस्कृति केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि मानव जीवन को सदाचार, सेवा, संस्कार एवं आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से धर्म, संस्कृति एवं भारतीय मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
     स्वामी जी ने अपने प्रवचन में कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं होता, बल्कि वह समाज को एक सूत्र में बांधने वाला आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र भी होता है। उन्होंने युवाओं से सनातन धर्म के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। उनके ओजस्वी एवं प्रेरक विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को धर्म एवं संस्कृति के प्रति जागरूक और प्रेरित किया।
     कार्यक्रम में महामण्डलेश्वर श्री नरसिंहदास जी महाराज एवं केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री भारत सरकार तथा सांसद धार-महू श्रीमती सावित्री ठाकुर, धार विधायक श्रीमती नीना वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संतजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने मंदिर निर्माण के इस पुण्य कार्य को समाज की आस्था एवं एकता का प्रतीक बताते हुए इसे जनसहयोग से पूर्ण करने का संकल्प व्यक्त किया।
      अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण हेतु तन, मन एवं धन से सहयोग का संकल्प लिया तथा भगवान भोलेनाथ से क्षेत्र की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

माहेश्वरी समाज ने महेश नवमी पर्व हर्षोल्लास से मनाया








 


 राजगढ़ (धार) । माहेश्वरी समाज का वंशोत्पत्ती दिवस महेश नवमी पर्व मंगलवार को राजगढ मे पारम्परिक श्रृद्धा , उल्लास और सामाजिक गतिविधी के साथ मनाया गया। पूरे दिन धार्मिक अनुष्ठानो , सेवा कार्यो , और सामुहिक आयोजनो का सिलसिला चलता रहा। महेश नवमी के दिन प्रात: भगवान महेश का अभिषेक चारभुजाजी मंदिर , राजगढ पर किया गया। अभिषेक के पश्यात भगवान भोलेनाथ एवं चारभुजानाथ मंदिर के शिखर पर माहेश्वरी समाज राजगढ द्वारा ध्वजा चढाई गई । इसके बाद दिनभर माहेश्वरी महिला मंडल , राजगढ के द्वारा गेम्स , प्रतियोगिता , समाज के वरीष्टोजनो एवं प्रतिभावन बच्चो का सम्मान किया गया। सायं 5 बजे भगवान महेश को रथ मे विराजित कर नगर मे शोभायात्रा निकाली गई।शोभायात्रा के पश्यात भगवान महेश एवं चारभुजानाथ की महाआरती की एवं प्रभू को छप्पन भोग लगाया गया। उसके बाद सम्पूर्ण माहेश्वरी समाज का सहभोज हुआ। सम्पूर्ण कार्यक्रम के अतिथी श्रीरामजी तोतला बेटमा , पश्चिमांचल संगठन मंत्री धार जिला महेशनवमी कार्यक्रम प्रभारी , श्रीश्यामजी भांगडिया सागौर , श्रीगिरधरजी शारडा , बेटमा इंदौर ग्रामीण जिलाध्यक्ष , श्रीघनश्यामजी जाजू घाटाबिल्लोद , प्रदेश प्रतिनिधी के मार्गदर्शन मे सम्पन्न हुआ। अतिथी द्वारा राजगढ माहेश्वरी समाज और माहेश्वरी युवा संगठन की नवीन कार्यकारिणी का स्वागत किया गया। समस्त कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए माहेश्वरी समाज के सचिव महेश पलोड और संगठन मंत्री गोविंद पलोड ने समाजजन का आभार व्यक्त किया है।उक्त समस्त जानकारी राजगढ माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष मुकेश बजाज एवं माहेश्वरी युवा संगठन के अध्यक्ष मधुर पलोड ने दी।ं

AI के विस्तार को लेकर CTO का विश्वास लगातार तीसरे साल कमजोर पड़ा: अक्कोडिस रिपोर्ट

"CTO क्या सोचते हैं 2026: आत्मविश्वास के साथ एजेंटिक उद्यम का विस्तार" में पहली बार यह बताया गया है कि डिजिटल निवेश का मुख्य चालक नवाचार (innovation) है, न कि कार्यक्षमता। यह कॉस्ट-फोकस्ड ऑप्टिमाइजेशन से विकास की ओर बढ़ने का संकेत देता है

ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड
डिजिटल इंजीनियरिंग कंसल्टिंग में ग्लोबल लीडर और एडेको ग्रुप का हिस्सा, अक्कोडिस की आज जारी नई रिसर्च से पता चलता है कि AI को बढ़ाने में CTO का भरोसा कम हो रहा है, जो 2024 में 82% से घटकर 2026 में 48% हो जाएगा - भले ही AI अपनाने में तेज़ी आ रही है और कंपनियों पर बड़े पैमाने पर अपने मकसद को पूरा करने का दबाव बढ़ रहा है।
व्हाट CTOs थिंक 2026: एजेंटिक एंटरप्राइज को कॉन्फिडेंस के साथ बढ़ाना

अक्कोडिस की 'व्हाट CTOs थिंक' रिपोर्ट के तीसरे एडिशन, 'व्हाट CTOs थिंक 2026: स्केलिंग द एजेंटिक एंटरप्राइज विद कॉन्फिडेंस' में 500 चीफ तकनीक ऑफिसर्स (CTOs) की इनसाइट्स शामिल हैं, जो एडेको ग्रुप के बिजनेस लीडर्स 2026 रिसर्च का हिस्सा हैं, जिसमें 2,000 C-सूट एग्जीक्यूटिव्स, द ह्यूमन प्रीमियम: लीडरशिप बियॉन्ड द एल्गोरिदम शामिल हैं । यह स्पष्ट करता है कि AI में निवेश लगातार बढ़ रहा है, लेकिन संगठनों के लिए चुनौती तकनीक तक पहुँच नहीं, बल्कि AI को अपनी प्रणालियों, कार्यप्रवाहों और निर्णय-प्रक्रिया में प्रभावी ढंग से इंटीग्रेट करना है।

एजेंटिक AI एक खास एंटरप्राइज ट्रेंड के तौर पर उभरा है
रिसर्च में एजेंटिक AI - यानी ऐसे सिस्टम जो योजना बनाने, फैसले लेने और काम पूरा करने में सक्षम हैं - को 2026 में संगठनों को आकार देने वाला सबसे असरदार तकनिकी ट्रेंड बताया गया है, जिसे 40% CTO ने असर का सबसे बड़ा कारण बताया है। यह बदलाव AI को काम में मदद करने वाले टूल से एक ऐसे टूल में बदलने का संकेत देता है जो काम पूरा करने में सक्रिय रूप से हिस्सा लेता है - जिससे गवर्नेंस, जवाबदेही और ऑपरेटिंग मॉडल डिज़ाइन के लिए नई ज़रूरतें शुरू होती हैं।

लेकिन, बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद, ज़्यादातर संगठन अभी भी इन सिस्टम को असरदार तरीके से बढ़ाने के लिए ज़रूरी स्ट्रक्चर नहीं बना पाए हैं। रिपोर्टों के अनुसार आधे से ज़्यादा CTO (57%) ने बताया कि वे यह पता लगाने के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं कि इंसानों के लिए कौन से काम सबसे अच्छे हैं और कौन से मशीनों के लिए, लेकिन कार्यों के स्पष्ट विभाजन को लेकर अभी भी स्पष्टता की कमी बनी हुई है, जो प्रगति में बाधा डाल रही है।

AI को बढ़ाने में कंपनियों को मुश्किल क्यों होती है?
नतीजे एक साफ़ बदलाव की ओर इशारा करते हैं: चुनौती अब AI को डिप्लॉय करना नहीं है, बल्कि इसे एंटरप्राइज़ के काम करने के तरीके में इंटीग्रेट करना है। जैसे-जैसे संगठन पायलट प्रोग्राम से आगे बढ़ते हैं, लीडरशिप अलाइनमेंट, गवर्नेंस और वर्कफ़ोर्स ट्रस्ट में एग्ज़िक्यूशन की जटिलता बढ़ती जाती है:
  • सिर्फ़ 44% CTO मानते हैं कि लीडरशिप टीमों को AI की काफ़ी समझ है
  • केवल 46% ज़िम्मेदार AI के लिए स्थापित फ्रेमवर्क की रिपोर्ट
  • केवल 36% लोग वर्कफोर्स ट्रस्ट स्तर से संतुष्ट हैं
CTOs द्वारा बताई गई लगातार रुकावटें प्रोग्रेस को रोक रही हैं:
  • इन-हाउस तकनिकी योग्यता की कमी (32%)
  • निवेश पर रिटर्न को लेकर अनिश्चितता (31%)
  • बिज़नेस स्तर पर अर्जेंसी की कमी (27%)
कुल मिलाकर, इन नतीजों से पता चलता है कि AI को बढ़ाना तकनीक की रुकावट नहीं, बल्कि एक ऑपरेशनल चुनौती बनता जा रहा है, जिसके लिए संगठनों को सिस्टम, प्रोसेस और निर्णय-प्रक्रिया के एक साथ काम करने के तरीके को फिर से डिज़ाइन करने की ज़रूरत है।

डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्षमता से नवाचार (innovation) की ओर शिफ्ट होता है
रिपोर्ट में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया है कि संगठन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की वैल्यू को कैसे परिभाषित करते हैं, इसमें एक बड़ा बदलाव आया है। पहली बार, CTOs ने डिजिटल के मुख्य चालक के तौर पर कार्यक्षमता को नहीं, बल्कि नवाचार (innovation) को बताया है, जो कॉस्ट-फोकस्ड ऑप्टिमाइज़ेशन से विकास, डिफरेंशिएशन और नए बिज़नेस मॉडल की ओर बढ़ने का संकेत देता है।

जैसे-जैसे AI की क्षमताएं बढ़ रही हैं, कार्यक्षमता से होने वाले मामूली फायदे कम हो रहे हैं, जिससे कॉम्पिटिटिव एडवांटेज के सोर्स के तौर पर नवाचार (innovation) की अहमियत बढ़ रही है। हालांकि यह बदलाव ग्लोबल है, लेकिन इंडस्ट्री के हिसाब से प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं - एयरोस्पेस में वर्कफोर्स डेवलपमेंट से लेकर लाइफ साइंसेज में नवाचार (innovation) एक्सेलरेशन और एनर्जी में रेजिलिएंस तक - जो AI को बढ़ाने के लिए सेक्टर-स्पेसिफिक अप्रोच की ज़रूरत को दिखाता है।

AI काम को नया आकार दे रहा है, खत्म नहीं कर रहा
बड़े पैमाने पर नौकरियां जाने के बजाय, AI योग्यता और कार्य के स्तर पर काम के स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल रहा है:
  • 50% CTOs ने ज़रूरी योग्यता में बदलाव की रिपोर्ट दी
  • 49% लोगों ने रोज़मर्रा की गतिविधियों में बदलाव की बात कही
  • सिर्फ़ 21% लोगों ने AI की वजह से वर्कफ़ोर्स में कमी की बात कही
इससे संगठनों के लिए हाइब्रिड ह्यूमन-AI वर्कफ़ोर्स को सपोर्ट करने के लिए कार्यप्रवाहों और ज़िम्मेदारियों को रीडिज़ाइन करने की ज़रूरत और बढ़ जाती है।

अक्कोडिस के प्रेसिडेंट और CEO Jo Debecker ने कहा, "अभी हम जो देख रहे हैं, वह AI अपनाने में कमी नहीं है, बल्कि यथार्थवाद को समझने का पल है। "संगठन अब प्रयोग से आगे बढ़ रहे हैं और मुश्किल माहौल में AI को बढ़ाने की असलियत का सामना कर रहे हैं। चुनौती अब AI को डिप्लॉय करना नहीं है, बल्कि इसे काम करने के तरीके में इंटीग्रेट करना है। जो कंपनियाँ तरक्की कर रही हैं, वे अपने ऑपरेटिंग मॉडल को रीडिज़ाइन कर रही हैं, तकनीक, ह्यूमन एक्सपर्टीज़ और गवर्नेंस को एक जैसा करके लगातार नतीजे दे रही हैं।"

पायलट से लेकर ऑर्केस्ट्रेशन तक: AI को बढ़ाने के लिए एक नए ऑपरेटिंग मॉडल की ज़रूरत है
रिपोर्ट में तीन उभरते हुए संगठनात्मक तरीकों की पहचान की गई है:
  • कार्य ऑटोमेटर्स - मुख्य रूप से कार्यक्षमता के लिए AI का इस्तेमाल करना
  • पायलट ऑपरेटर्स - AI के साथ प्रयोग कर रहे हैं लेकिन स्केल करने में मुश्किल हो रही है
  • एंटरप्राइज़ ऑर्केस्ट्रेटर - कार्यप्रवाहों और फ़ैसले लेने में AI को शामिल करना
जो संगठन सफल होते हैं, वे अलग-अलग पायलट से आगे बढ़कर सिस्टम, प्रोसेस और टीम में AI को ऑर्केस्ट्रेट करते हैं, और ऐसे नतीजे देने के लिए तकनीक को इंसानी एक्सपर्टीज़ के साथ इंटीग्रेट करते हैं जिन्हें मापा जा सके।

पूरी रिपोर्ट यहां देखें

अक्कोडिस के बारे में
अक्कोडिस एक ग्लोबल डिजिटल इंजीनियरिंग कंसल्टिंग कंपनी है जो संगठनों को टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके इनोवेशन करने और तेज़ी से आगे बढ़ने में मदद करती है, ताकि प्रक्रियाओं और उत्पादों को बनाने, चलाने और बेहतर बनाने के तरीकों को नए सिरे से परिभाषित किया जा सके। AI, डेटा, क्लाउड, एज और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में गहरी विशेषज्ञता के साथ, यह कंपनी उच्च-स्तरीय तकनीकी कंसल्टेंसी सेवाएं प्रदान करती है। मजबूत और स्केलेबल डिलीवरी मॉडल तथा विशेषज्ञ प्रतिभा के माध्यम से, यह रणनीति और कंसल्टिंग से लेकर कार्यान्वयन तक एंड-टू-एंड समाधान देती है। अक्कोडिस इंटेलिजेंस के माध्यम से यह कंपनी तकनीक की शक्ति को मानव सोच और सहयोग के साथ जोड़कर व्यवसायों को बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद करती है। यह एडेको ग्रुप का हिस्सा है और इसका मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड में है। अक्कोडिस के पास 30 से अधिक देशों में 40,000 इंजीनियर और डिजिटल विशेषज्ञ हैं। इसकी सेवाएं कंसल्टिंग, सॉल्यूशंस और एकेडमी के रूप में उपलब्ध हैं। दुनिया के प्रमुख उद्योगों में अपने अनुभव के साथ, अक्कोडिस, कंपनियों को जटिल चुनौतियों को हल करने और स्थायी (sustainable) प्रभाव बनाने में मदद करती है।


एडेको ग्रुप के बारे में
एडेको ग्रुप दुनिया की सबसे बड़ी टैलेंट कंपनी है। हमारा मकसद है कि भविष्य में काम करने का मौका हर किसी को मिले। अपनी तीन ग्लोबल बिज़नेस यूनिट्स -एडेको, अक्कोडिस और LHH - के ज़रिए, हम 60 देशों में लोगों के लिए टिकाऊ और ज़िंदगी भर काम करने लायक रोज़गार के मौके बनाते हैं; बदलाव लाने के लिए डिजिटल और इंजीनियरिंग समाधान देते हैं; और संगठनों को अपने वर्कफ़ोर्स को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। एडेको ग्रुप खुद मिसाल बनकर आगे बढ़ता है और एक समावेशी संस्कृति को बढ़ावा देने, स्थायी रोजगार क्षमता (employability) विकसित करने, और मज़बूत अर्थव्यवस्थाओं और समुदायों को सहारा देने के लिए पूरी तरह से समर्पित है। एडेको ग्रुप AG का हेडक्वार्टर ज़्यूरिख़, स्विट्ज़रलैंड (ISIN: CH0012138605) में है और यह SIX Swiss Exchange (ADEN) पर लिस्टेड है। www.adeccogroup.com

Media Contact Details
ऐनी फ्रेडरिक
अक्कोडिस
SVP, ग्लोबल हेड ऑफ़ कम्युनिकेशंस
+4915174633470
लिसा बुशका
अक्कोडिस
VP, एक्सटर्नल कम्युनिकेशंस
+18604630770