BREAKING NEWS
latest



 

News
News

राज्य

राज्य/block-5

आपके शहर की खबर

आपके शहर की खबर/block-3

राजनीति

राजनीति/block-6

मनोरंजन

मनोरंजन/block-6

धर्म

धर्म/block-3

"खेल"

खेल/block-3

"लेख"

लेख/block-3

ख़बरें जरा हटके

ख़बरें जरा हटके/block-10

स्टोरी

स्टोरी/block-7

आपकी बायोग्राफी

आपकी बायोग्राफी/block-11

बिज़नेस

बिज़नेस/block-10

Latest Articles

विश्व णमोकार महामंत्र दिवस पर महिलाओं ने किया णमोकार महामंत्र का जाप






 




 राजगढ़ (धार) : आस्था और भक्ति के केंद्र राजगढ़ में गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को विश्व मंगलकारी महामंत्र 'णमोकार मंत्र' दिवस अत्यंत श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर श्री गुरु राजेंद्र सूरी सामयिक मंडल की महिलाओं ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराते हुए धर्म लाभ लिया।

  मंदिर परिसर में दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे तक भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ करीब 45 महिलाओं ने सामूहिक रूप से सामायिक ग्रहण की और अखंड णमोकार महामंत्र का जाप किया। सामूहिक मंत्रोच्चार से निकलने वाली आध्यात्मिक तरंगों ने पूरे वातावरण को ऊर्जावान और पवित्र कर दिया।

   धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णता पर प्रभावना का वितरण किया गया। शांता मेहता द्वारा 10 रुपये एवं प्रमिला कोठारी द्वारा 5 रुपये की प्रभावना सभी श्रद्धालुओं को भेंट की गई।

विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना

  गौरतलब है कि सामयिक मंडल केवल स्थानीय आयोजनों तक सीमित नहीं है,बल्कि वैश्विक कल्याण के लिए भी तत्पर है। बीते 4 अप्रैल को अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए विश्व शांति की कामना के साथ 12 घंटे का अखंड जाप किया गया था। मानवता की रक्षा और युद्ध विराम की भावना से किए गए इस जाप की सामूहिक प्रभावना (105 रुपये) का वितरण शुक्रवार को किया जाएगा। राजगढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित किया कि सामूहिक प्रार्थना और णमोकार मंत्र की शक्ति विश्व में शांति और सद्भावना लाने में सक्षम है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ पर दिया शांति और आध्यात्मिक एकता का संदेश

Amit Shah, Navkar Mantra Day, Vishva Navkar Mahamantra Diwas, Navkar Mantra benefits, Jain mantra, world peace mantra, Amit Shah speech Delhi, Navkar Mantra meaning, Jain dharm mantra, India spiritual news




 



नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में बोले गृह मंत्री—नवकार मंत्र का सामूहिक जाप विश्व कल्याण और मानसिक शुद्धि के लिए अत्यंत प्रासंगिक

   नई दिल्ली में आयोजित ‘विश्व नवकार महामंत्र दिवस’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने वैश्विक शांति, आध्यात्मिक जागरूकता और मानव कल्याण को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब दुनिया के विभिन्न हिस्सों में संघर्ष और अस्थिरता का माहौल है, ऐसे में नवकार मंत्र का सामूहिक जाप पूरे विश्व के लिए अत्यंत सार्थक और प्रासंगिक पहल है।

 उन्होंने कहा कि भारत विविध धर्मों और संप्रदायों का देश है, जहां हर परंपरा में मंत्रों की आध्यात्मिक शक्ति और महत्व का विशेष स्थान है। नवकार मंत्र एक ऐसा सार्वभौमिक मंत्र है, जिसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं है और यह सभी के लिए समान रूप से कल्याणकारी है। यह पूर्णतः निराकार और निरपेक्ष प्रार्थना है, जो मानवता को एकता और शांति का संदेश देती है।

  गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जब लोग श्रद्धा के साथ एक ही मंत्र का सामूहिक जाप करते हैं, तो उसका प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज, देश और विश्व पर सकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने बताया कि मंत्र मनुष्य के जीवन को सही दिशा देते हैं, चैतन्य को जागृत करते हैं और अच्छे संकल्पों को मजबूत बनाते हैं।

  उन्होंने नवकार मंत्र के आध्यात्मिक अर्थ को समझाते हुए कहा कि ‘नमो’ शब्द पूर्ण समर्पण का प्रतीक है, जो व्यक्ति के भीतर के अहंकार को समाप्त करने की दिशा में पहला कदम होता है। जब व्यक्ति नमन करता है, तभी उसके अहंकार का क्षय शुरू होता है और आत्मशुद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

 Amit Shah ने कहा कि नवकार मंत्र में पांच परमेष्ठियों—अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु—को नमन किया जाता है। अरिहंत वे होते हैं जो अपने आंतरिक शत्रुओं पर विजय प्राप्त कर लेते हैं, जबकि सिद्ध वे आत्माएं होती हैं जो जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त कर चुकी हैं। आचार्य, उपाध्याय और साधु समाज को मार्गदर्शन देने वाले आध्यात्मिक गुरु होते हैं, जिनके गुणों का अनुसरण कर व्यक्ति आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

  उन्होंने कहा कि यह मंत्र 108 गुणों की सामूहिक वंदना का प्रतीक है, जो इन पांचों परमेष्ठियों में निहित होते हैं। इन गुणों का स्मरण व्यक्ति को संयम, त्याग और साधना की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस मंत्र के गूढ़ अर्थ को समझने का प्रयास करें और नियमित अभ्यास के माध्यम से अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं।

  गृह मंत्री ने कहा कि नवकार मंत्र की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है और इसमें जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह मंत्र पहले मौखिक रूप से आगे बढ़ा और बाद में शिलालेखों तथा ग्रंथों के माध्यम से संरक्षित किया गया। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा इसके प्रचार-प्रसार के प्रयासों की सराहना की।

 अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि आज के समय में जब विश्व को शांति और सौहार्द की सबसे अधिक आवश्यकता है, तब नवकार मंत्र का सामूहिक उच्चारण न केवल वातावरण को शुद्ध करता है, बल्कि मन के विकारों को भी शांत करता है। इससे आपसी समझ, संवेदनशीलता और भाईचारे की भावना को भी मजबूती मिलती है।



हिन्दू उत्सव समिति द्वारा एसडीओपी परिहार एवं थाना प्रभारी पाटीदार का अभिनंदन






 




   राजगढ़/सरदारपुर (धार)। हिंदू उत्सव समिति द्वारा क्षेत्र में सद्भावना और उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुलिस अधिकारियों के सम्मान का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में समिति ने सरदारपुर एसडीओपी विश्वदीपसिंह परिहार और राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार का आत्मीय अभिनंदन किया।
   समिति के अध्यक्ष निलेश सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान श्री राम जन्मोत्सव, श्री महावीर जन्मोत्सव और श्री हनुमान जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में समिति द्वारा नगर के समाजसेवियों सहित क्षेत्र की सुरक्षा और सौहार्द के लिए विशिष्ट कार्य करने वाले सम्मानीयजनों का सम्मान किया जा रहा है। इसी कड़ी में क्षेत्र की कानून व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने पर एसडीओपी परिहार और नगर की सद्भावना के लिए श्रेष्ठ कार्य करने पर थाना प्रभारी पाटीदार का अभिनंदन किया गया।
  
 इन कार्यक्रमों के दौरान हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष निलेश सोनी, दिलीप फरबदा, महेंद्र राजपूत, घनश्याम सिंगार और मनोज जैन सहित अन्य सदस्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। समिति का उद्देश्य उन कर्मठ अधिकारियों और समाजसेवियों को प्रोत्साहित करना है जो समाज की उन्नति और शांति के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

World Navkar Day 2026 पर विशेष : महामंत्र नवकार – वैश्विक शांति और आत्म-शुद्धि का शाश्वत मार्ग : लेखक: मुनि श्री पीयूष चंद्र विजय जी | मोहनखेड़ा तीर्थ

Here are SEO-friendly English keywords (comma-separated) for your topic:  Navkar Mahamantra, Navkar Mantra benefits, World Navkar Day April 9, Jain Navkar Mantra significance, Navkar Mantra meaning in English, Jainism prayer mantra, Mahamantra Navkar importance, spiritual peace mantra, universal peace mantra, Jain religious mantra, self purification mantra, Navkar Mantra meditation, Jain dharma teachings, Piyush Chandra Vijay Ji discourse, Mohankheda Tirth Jain temple, Jain saints teachings, Navkar Mantra chanting benefits, Jain spiritual practice, peace and harmony mantra, ancient Indian mantras, Jain festival April 9, Navkar Day celebration, Jain philosophy mantra, powerful healing mantra, mantra for positivity and peace, spiritual awakening mantra, Jain monks teachings, Indian spiritual traditions







 

✍️ लेखक: मुनि श्री पीयूष चंद्र विजय जी | मोहनखेड़ा तीर्थ

  आज का आधुनिक युग जहां तकनीकी प्रगति और भौतिक उपलब्धियों के शिखर पर पहुंच चुका है, वहीं दूसरी ओर मानव जीवन में अशांति, तनाव, भय और असंतुलन भी तेजी से बढ़ रहा है। व्यक्ति बाहरी सुखों की तलाश में है, लेकिन आंतरिक शांति से दूर होता जा रहा है।

  ऐसे दौर में 9 अप्रैल को मनाया जाने वाला World Navkar Day हमें एक ऐसे दिव्य मार्ग की ओर ले जाता है, जो न केवल आत्मा को शुद्ध करता है बल्कि संपूर्ण विश्व में शांति और सद्भावना स्थापित करने की प्रेरणा देता है।

   Navkar Mahamantra जैन धर्म का मूल मंत्र है, लेकिन इसकी महिमा किसी एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है। यह मंत्र संपूर्ण मानवता के लिए एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक है।

🟢 नवकार महामंत्र क्या है? (What is Navkar Mahamantra)

  नवकार मंत्र एक अनादि, अनंत और सार्वभौमिक मंत्र है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी व्यक्ति विशेष की स्तुति नहीं की गई, बल्कि उन श्रेष्ठ गुणों की वंदना की गई है जिन्हें धारण कर कोई भी आत्मा परमात्मा बन सकती है।

 ‘णमो अरिहंताणं’, ‘णमो सिद्धाणं’, ‘णमो आयरियाणं’, ‘णमो उवज्झायाणं’, ‘णमो लोए सव्वसाहूणं’ — ये पाँच पद आत्मा के उत्कर्ष के पाँच चरणों का प्रतीक हैं।

  यह मंत्र हमें सिखाता है कि जीवन में व्यक्तित्व नहीं, बल्कि गुण सर्वोपरि हैं।

🟢 अनादि सिद्ध मंत्र की आध्यात्मिक महिमा

 नवकार महामंत्र को जैन धर्म में सभी मंत्रों का राजा माना गया है। यह मंत्र आत्मा को उसके मूल स्वरूप की ओर लौटने का मार्ग दिखाता है।

 यह केवल एक प्रार्थना नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत है, जो व्यक्ति के भीतर छिपी दिव्यता को जागृत करता है।

 जो व्यक्ति नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करता है, उसके भीतर:

  • क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे विकार कम होते हैं

  • आत्मविश्वास और धैर्य बढ़ता है

  • जीवन में संतुलन और शांति आती है

🟢 मोहनखेड़ा तीर्थ की साधना परंपरा

  मोहनखेड़ा तीर्थ जैन समाज की एक महत्वपूर्ण तपोभूमि है, जहां अनेक महान संतों ने साधना कर आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रसार किया है।

  युगप्रधान दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्रसूरीश्वरजी महाराज ने अपने जीवन में नवकार महामंत्र को सर्वोच्च स्थान दिया। उन्होंने हर कठिन परिस्थिति में इस मंत्र को आधार बनाकर समाज को नई दिशा दी।

  उनके द्वारा रचित ‘अभिधान राजेन्द्र कोष’ और ‘क्रियोद्धार’ जैसे कार्य यह सिद्ध करते हैं कि नवकार मंत्र केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन परिवर्तन का माध्यम है।

🟢 नवकार मंत्र के वैज्ञानिक लाभ (Scientific Benefits)

  आधुनिक विज्ञान भी अब यह स्वीकार कर रहा है कि मंत्रों की ध्वनि तरंगें हमारे मस्तिष्क और शरीर पर गहरा प्रभाव डालती हैं।

Navkar Mantra meditation करने से:

  • मस्तिष्क शांत और स्थिर होता है

  • तनाव और चिंता कम होती है

  • शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है

  • एकाग्रता और निर्णय क्षमता बढ़ती है

 इस मंत्र को ‘सव्वपावप्पणासणो’ कहा गया है, अर्थात यह सभी प्रकार के पापों और मानसिक विकारों का नाश करने वाला है।

🟢 विश्व नवकार दिवस का उद्देश्य

 मुनि श्री पीयूष चंद्र विजय जी के अनुसार, विश्व नवकार दिवस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आत्म-जागरण का पर्व है।

इस दिन का वास्तविक उद्देश्य है:

  • आत्म-शुद्धि का संकल्प लेना

  • जीवन में करुणा और मैत्री को अपनाना

  • विश्व शांति के लिए सकारात्मक सोच विकसित करना

यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने भीतर शांति स्थापित कर ले, तो पूरा विश्व स्वतः शांत और सुखी हो सकता है।

🟢 नवकार मंत्र: विश्व शांति का मार्ग

 आज जब विश्व विभिन्न संघर्षों, विचारधाराओं और असंतुलन से जूझ रहा है, तब नवकार महामंत्र एक ऐसा सार्वभौमिक समाधान प्रस्तुत करता है, जो सभी सीमाओं से परे है।

यह मंत्र हमें सिखाता है:
👉 किसी से द्वेष नहीं
👉 सभी के प्रति करुणा
👉 आत्मा की शुद्धि ही सर्वोच्च लक्ष्य

🟢 निष्कर्ष 

 इस पावन अवसर पर आइए हम सभी यह संकल्प लें कि प्रतिदिन श्रद्धा, विश्वास और नियमितता के साथ Navkar Mahamantra का जाप करेंगे।

 यह मंत्र केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि जीवन को बदलने वाली दिव्य शक्ति है।
यदि इसे सच्चे मन से अपनाया जाए, तो यह न केवल हमारे जीवन को, बल्कि पूरे विश्व को शांति, प्रेम और सद्भावना से भर सकता है।

 “नवकार महामंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न”

❓ नवकार महामंत्र क्या है?

  नवकार महामंत्र जैन धर्म का सबसे पवित्र और प्राचीन मंत्र है। इसमें किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि अरिहंत, सिद्ध,आचार्य, उपाध्याय और साधु के गुणों की वंदना की जाती है।


❓ विश्व नवकार दिवस कब मनाया जाता है?

  विश्व नवकार दिवस हर वर्ष 9 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन नवकार मंत्र के जाप और उसके महत्व को समझने का विशेष अवसर होता है।


❓ नवकार मंत्र के क्या लाभ हैं?

नियमित रूप से नवकार मंत्र का जाप करने से:

  • मानसिक शांति मिलती है

  • तनाव और चिंता कम होती है

  • सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है

  • आत्म-शुद्धि होती है


❓ क्या नवकार मंत्र वैज्ञानिक रूप से लाभकारी है?

  हाँ, आधुनिक शोध के अनुसार मंत्रों की ध्वनि तरंगें मस्तिष्क और शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं। नवकार मंत्र ध्यान और मानसिक संतुलन में मदद करता है।


❓ क्या नवकार मंत्र किसी भी धर्म का व्यक्ति जप सकता है?

  हाँ, नवकार मंत्र सार्वभौमिक है। यह किसी एक धर्म तक सीमित नहीं है, इसलिए कोई भी व्यक्ति इसे जप सकता है और इसके लाभ प्राप्त कर सकता है।


❓ नवकार मंत्र का सही उच्चारण कैसे करें?

 नवकार मंत्र का उच्चारण शुद्ध भाव और ध्यान के साथ करना चाहिए। धीरे-धीरे और स्पष्ट उच्चारण करने से इसका अधिक लाभ मिलता है।



विश्व नवकार दिवस (9 अप्रैल 2026) : णमोकार महामंत्र: श्रद्धा,समता और आत्मशुद्धि का शाश्वत मंत्र - श्रमण डॉ पुष्पेंद्र






 


 
  जैन धर्म की आराधना परंपरा में णमोकार महामंत्र को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। यह केवल एक धार्मिक मंत्र नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, समता और विनय का सार्वभौमिक संदेश है। इसकी महिमा का उल्लेख प्राचीन जैन आगम ग्रंथ भगवती सूत्र के प्रारम्भ में महामंगल वाक्य के रूप में मिलता है.- “णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आयरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्व साहूणं।” यह मंत्र अनादि और अविनाशी माना गया है। सभी तीर्थंकरों ने इसकी महत्ता को स्वीकार किया है। इसे जैन धर्म का मूल मंत्र और जिनागम का सार कहा जाता है।

गुण-पूजा का अद्वितीय संदेश

  णमोकार महामंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसी व्यक्ति-विशेष या देवता की स्तुति नहीं की गई, बल्कि उनके गुणों को नमन किया गया है। यह व्यक्ति-पूजा नहीं, बल्कि गुण-पूजा का संदेश देता है। इसमें किसी प्रकार की याचना या कामना नहीं है, केवल निस्वार्थ श्रद्धा, समर्पण और आत्मशुद्धि का भाव है। यही कारण है कि यह मंत्र किसी एक संप्रदाय या समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि सार्वभौमिक और सर्वग्राह्य है।

    णमोकार महामंत्र में पांच पद है, ३५ अक्षर है। इनमें ११ अक्षर लघु हैं, २४ गुरु हैं, १५ दीर्घ हैं और २० हस्व हैं। ३५ स्वर हैं और ३४ व्यंजन हैं। यह एक अद्वितीय बीज संयोजना है। 'णमो अरिहंताणं' में सात अक्षर है, 'णमो सिद्धाणं' में पांच अक्षर हैं, 'णमो आयरियाणं' में सात अक्षर हैं, 'णमो उवज्झायाणं' में सात अक्षर है, 'णमो लोए सव्व साहूणं' में नौ अक्षर हैं। इस प्रकार इस महामंत्र में कुल ३५ अक्षर हैं। स्वर और व्यंजन का विश्लेषण करने पर 'नमो अरिहंताणं' में ७ स्वर और ६ व्यंजन हैं, 'नमो सिद्धाणं' में ५ स्वर और ६ व्यंजन हैं, 'नमो उवज्झायाणं' में ७ स्वर और ७ ही व्यंजन हैं। 'नमो लोए सव्व साहूणं' में ६ स्वर तथा ६ व्यंजन हैं। इस प्रकार नमोकार महामंत्र में ३५ स्वर और ३४ व्यंजन हैं। यह महामंत्र जैन आराधना और साधना का ध्रुव केन्द्र है, इसकी शक्ति अपरिमेय है। इस महामंत्र के वर्णों के संयोजन पर चिन्तन करें तो यह बड़ा अद्भुत और पूर्ण वैज्ञानिक है। इसके बीजाक्षरों को आधुनिक शब्द विज्ञान की कसौटी पर कसने पर साधक यह पाते हैं कि इसमें विलक्षण ऊर्जा है और शक्ति का भण्डार छिपा हुआ है। प्रत्येक अक्षर का विशिष्ट अर्थ है, प्रयोजन और सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करने की क्षमता है।

पंच परमेष्ठियों का वंदन

   इस मंत्र में पंच परमेष्ठियों को नमस्कार किया गया हैकृअरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु। अरिहंत वे हैं जिन्होंने अपने आंतरिक शत्रुओंकृराग, द्वेष, मोह और वासनाओं पर विजय प्राप्त कर सर्वज्ञता को उपलब्ध किया। सिद्ध वे मुक्त आत्माएँ हैं जो जन्म-मृत्यु के चक्र से परे मोक्ष में स्थित हैं।
आचार्य संघ के आध्यात्मिक पथप्रदर्शक हैं। उपाध्याय शास्त्रों के ज्ञाता एवं अध्यापक हैं। साधु वे तपस्वी आत्माएँ हैं जो आत्मकल्याण और लोककल्याण हेतु धर्म का आचरण करती हैं। जैन दर्शन के अनुसार आध्यात्मिक उत्कर्ष में न तो वेष बाधक है और न ही लिंग। स्त्री हो या पुरुष, सभी आत्मिक उन्नति के अधिकारी हैं।

साधना और मानसिक शांति

  श्रद्धा,शुद्ध उच्चारण और एकाग्र भाव से णमोकार महामंत्र का जप मानसिक शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। शास्त्रों में इसे “सर्व पापों का नाश करने वाला और परम मंगलकारी” कहा गया है। प्रत्येक अक्षर स्वयं में मंत्रस्वरूप है और इसका जप किसी भी क्रम में किया जा सकता है। ध्यानपूर्वक जप करने से चित्त की चंचलता कम होती है और साधक आत्मस्वरूप के निकट पहुँचता है। यह मंत्र हमें भीतर की पवित्र चेतना से जोड़ता है।

भाषिक एवं वैज्ञानिक संरचना

   णमोकार महामंत्र प्राकृत भाषा में रचित है और इसकी रचना आर्या छंद में की गई है। इसके पाँच मुख्य पदों में कुल ३५ अक्षर माने गए हैं। ध्वनि-विज्ञान की दृष्टि से इसमें लघु-गुरु, ह्रस्व-दीर्घ वर्णों का संतुलित संयोजन है। स्वर और व्यंजन की विशिष्ट व्यवस्था इसे अद्वितीय बीज-संरचना प्रदान करती है।
  आधुनिक ध्वनि-विज्ञान के अनुसार, मंत्रोच्चारण से उत्पन्न कंपन मानसिक और शारीरिक संतुलन में सहायक होते हैं। प्रत्येक अक्षर में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मजागरण की क्षमता निहित है।

आत्मजागरण का मार्ग

  णमोकार महामंत्र बाह्य आडंबरों से हटाकर साधक को आत्मा के शुद्ध स्वरूप की ओर ले जाता है। इसमें भौतिक उपलब्धियों की कामना नहीं, बल्कि आत्मोन्नति का मार्ग निहित है। यह समता, विनय और करुणा का संदेश देता है।
   वास्तव में, णमोकार महामंत्र केवल जैन धर्म का मूल मंत्र नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए आत्मजागरण का शाश्वत उद्घोष है। गुणों की आराधना ही आत्मा को परम शांति और मोक्ष की दिशा में अग्रसर करती है और यही इस महामंत्र का सार है।

रक्तमित्र सोहन पटेल का अभिनंदन किया





 


  राजगढ़(धार) रक्तमित्र सोहन पटेल का हिन्दू उत्सव समिति द्वारा अभिनदन किया गया।हिन्दू उत्सव समिति अध्यक्ष निलेश सोनी ने बताया कि महाराणा प्रताप राजगृही वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में श्री पटेल का अभिनदन किया गया। श्री पटेल द्वारा क्षेत्र में रोगियों को त्वरित निशुल्क रक्त दान करने एवम करवाने में अहम भूमिका निभाई जाती है।
  पीड़ित की मदद करने के साथ ही समाजसेवा,सनातन धर्म प्रचार एवम हिन्दू धर्म के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यो हेतु अभिनंदन किया गया। अभिनंदन वाचन अंतिम पंवार ने किया।सभी का आभार मोतीसिंह राठौर ने माना।

भाजपा स्थापना दिवस: राजगढ़ में कार्यकर्ताओं ने भरा हुंकार, वरिष्ठों के सम्मान के साथ गूंजा ‘सबका साथ-सबका विकास’ का संकल्प







 



 
  राजगढ़ (धार)। भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस राजगढ़ मंडल नगर द्वारा दीनदयाल परिसर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर राजगढ़ नगर स्थित महाराणा प्रताप राजगृहि वाटिका और पंडित दीनदयाल उपाध्याय परिसर भवन में गौरवपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्रित हुए।
    
   कार्यक्रम का शुभारंभ महाराणा प्रताप और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान उपस्थित वक्ताओं ने पार्टी की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की गौरवशाली यात्रा का स्मरण किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भाजपा ने राष्ट्रहित, विकास और सुशासन को सर्वोपरि रखते हुए देश को एक नई दिशा प्रदान की है। वक्ताओं ने 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के मूल मंत्र पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
   
  इस अवसर पर राजगढ़ नगर मंडल अध्यक्ष सोहन पटेल द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और एल्डरमैन कार्यकर्ताओं का विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं ने अपने विचार साझा कर कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। आयोजन में प्रमुख रूप से ज्ञानेंद्र मूणत, गणेश शर्मा, प्रफुल्ल रावल, मनोज माहेश्वरी, कमल यादव, गोपाल सोनी, मुकेश कावड़िया, नरेश जैन, हेमलता मामा, डॉ. बल बहादुर सिंह, मोहन प्रजापत, अंतिम ठाकुर, आशीष वैद्य, पंकज बारोड, रमेश राजपूत, निलेश सोनी, चिंटू चौहान, पप्पू सिंह भूरिया, कन्हैयालाल कुमावत और मोती सिंह राठौड़ सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन उपस्थित जनों का मुंह मीठा कराकर किया गया। उक्त जानकारी भाजपा मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र भंडारी द्वारा साझा की गई।