BREAKING NEWS
latest
TIMES OF MALWA
DIGITAL SERVICES
PR • MEDIA PROMOTION • SEO • NEWS COVERAGE • CGI ADS • SOCIAL MEDIA
TIMES OF MALWA
PR • SEO • CGI ADS • NEWS PROMOTION
VISIT NOW
News
News

राज्य

राज्य/block-5

आपके शहर की खबर

आपके शहर की खबर/block-3

राजनीति

राजनीति/block-6

मनोरंजन

मनोरंजन/block-6

धर्म

धर्म/block-3

"खेल"

खेल/block-3

"लेख"

लेख/block-3

ख़बरें जरा हटके

ख़बरें जरा हटके/block-10

स्टोरी

स्टोरी/block-7

आपकी बायोग्राफी

आपकी बायोग्राफी/block-11

बिज़नेस

बिज़नेस/block-10

Latest Articles

राम नाम के नशे से ही होगा जीवन का कल्याण,राजगढ़ श्रीराम कथा में बोले ज्योतिषाचार्य पुरुषोत्तम भारद्वाज,13 मई को सामूहिक विवाह का आयोजन







 


  राजगढ़ (धार): नगर के मार्केटिंग सोसाइटी मैदान में श्री महावीर हनुमान गौशाला मंदिर ट्रस्ट एवं संत रविदास समाज ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित श्रीराम कथा के आठवें दिन श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ा। पांच धाम एक मुकाम माताजी मंदिर के ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम भारद्वाज (Jyotishacharya Shri Purshottam Bhardwaj) के मुखारविंद से बह रही श्रीराम कथा की अमृत धारा में भक्त पूरी तरह सराबोर नजर आए। सोमवार को क्षेत्रीय विधायक प्रताप ग्रेवाल (MLA Pratap Grewal) ने भी कथा पांडाल पहुंचकर व्यासपीठ का पूजन किया और आरती में सम्मिलित होकर धर्मलाभ लिया।














गुरु महिमा और आत्मिक शुद्धि (Spiritual Purification) का संदेश

  कथा के आठवें दिन ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम भारद्वाज ने गुरु की महत्ता और मन की शुद्धि पर विशेष प्रवचन दिया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति गुरु की नजरों से गिर जाता है, उसके लिए जीवन में सफलता पाना अत्यंत कठिन हो जाता है। गुरु के चरणों का सानिध्य ही मनुष्य की तकदीर बदलने की शक्ति रखता है। उन्होंने जीवन में सत्संग (Satsang) की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि जब हमारा मन शुद्ध होता है, तभी हमारे विचार और वाणी में शुद्धि आती है। कथा के माध्यम से ही हमें यह समझ आती है कि जीवन में क्या देखना चाहिए, क्या सुनना चाहिए और कैसा व्यवहार करना चाहिए।

संस्कार और कुल परंपराओं का महत्व

  व्यासपीठ से श्री भारद्वाज ने कहा कि हम अपने बच्चों को लाड-प्यार से बड़ा करते हैं और उन्हें कुल की रीति-रिवाज सिखाते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें धर्म की शिक्षा देने में कमी रह जाती है। माता-पिता को चाहिए कि वे स्वयं भक्ति मार्ग पर चलें ताकि उनके बच्चे भी उन संस्कारों को आत्मसात कर सकें। उन्होंने बताया कि संसार की धन-संपत्ति, पद और प्रतिष्ठा मन को कभी संतुष्ट नहीं कर सकते। मन की शांति केवल प्रभु के नाम और संकीर्तन में ही संभव है।

नशामुक्त समाज और राम नाम का नशा

  प्रवचन के दौरान उन्होंने आधुनिक शादियों और समाज में व्याप्त बुराइयों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज की शादियों में लोग गलत प्रकार का नशा करके आते हैं, जिससे परिवार और समाज में केवल असंतोष फैलता है। इसके विपरीत, यदि नशा करना ही है तो राम नाम का नशा करें। राम का नाम किसी को दुखी नहीं करता, बल्कि दुखी व्यक्ति को सुखी बनाने का एकमात्र साधन है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक कार्य निरंतर करें और वह है प्रभु का सुमिरन।











जैन संतों की तपस्या का सम्मान एवं बहुमान (Felicitation)

   कथा में विशेष रूप से जैन समाज के साधु-संतों की तपस्या और उनके सिद्धांतों का वर्णन किया गया। श्री भारद्वाज ने कहा कि जैन संत त्याग और वैराग्य का जीवन जीते हैं और भगवान महावीर के 'जियो और जीने दो' (Live and Let Live) के सिद्धांत पर चलते हुए समाज को अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं।
   इस अवसर पर नवरत्न परिवार द्वारा ज्योतिषाचार्य श्री भारद्वाज को आचार्य नवरत्न सागर सुरीश्वर जी महाराज का चित्र भेंट कर शाल और श्रीफल से सम्मानित किया गया। इस दौरान नवरत्न परिवार के प्रदेश संगठन मंत्री (State Organization Secretary) नितिन जैन (चिंटू चौहान),राजगढ़ शाखा अध्यक्ष (Branch President) रोहन जैन सेंडी (MR),सुशील जैन,प्रवीण जैन (सर),हरीश जैन,ललित जैन,सचिन चोमेलावाला,वीकेन जैन,अभिषेक पारख, दिनेश गुगलिया और कल्पेश जैन सहित समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।













सुविधाएं और आगामी कार्यक्रम (Upcoming Events)

   भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजन समिति ने पूरे कथा पांडाल को वातानुकूलित (Air Conditioned) बनाया है और शीतल जल की उत्तम व्यवस्था की है। कथा के समापन पर प्रतिदिन सभी भक्तों के लिए भोजन प्रसादी (Bhojan Prasadi) का प्रबंध किया जा रहा है। समिति के लक्ष्मण डामेचा ने जानकारी दी कि 12 मई को कथा का पूर्ण समापन होगा और 13 मई को इसी मैदान पर भव्य निःशुल्क सामूहिक विवाह (Mass Marriage) समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके पश्चात पूरे नगर के लिए 'नगर चौरासी' महाप्रसादी का वितरण होगा। आयोजन समिति के सदस्यों ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।

प्रदेश के समग्र विकास और जन-कल्याण के लिए 29 हजार 540 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति

















लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण के लिए 15 हजार 598 करोड़ रूपये की स्वीकृति
शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 6 हजार 900 करोड़ रूपये की स्वीकृति
गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों की पेंशन के लिए 6 हजार 116 करोड़ रूपये की स्वीकृति
बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल
महाविद्यालय की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति
नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रूपये की स्वीकृति
राज्य मंत्रियों व्दारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की राशि को बढ़ाकर 25 हजार रूपये किए जाने की स्वीकृति
10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन और MPRDC अंतर्गत EPC तथा HAM परियोजनाओं में मासिक दर समायोजन की स्वीकृति
जबलपुर उच्च न्यायालय के सामने मल्टीलेवल वाहन पार्किंग के निर्माण की लागत राशि को विभागीय सूचकांक की गणना से मुक्त रखे जाने की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गये निर्णय


  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुईं। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के समग्र विकास और जन-कल्याण की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। प्रदेश में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सिंचाई सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के लिए 29 हजार 540 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों एवं योजनाओं के परीक्षण और अनुमोदन के लिए 15 हजार 598 करोड़ रुपये और शहरी व नगरीय मार्गों के कायाकल्प तथा सुदृढ़ीकरण के लिए 6,900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिये गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों की पेंशन के लिए 6 हजार 116 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अतिरिक्त चिकित्सा क्षेत्र के विस्तार के लिए बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। साथ ही जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सिंचाई परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति के साथ ही राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि को बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया हैं। इसके साथ ही सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन और MPRDC अंतर्गत EPC तथा HAM परियोजनाओं में मासिक दर समायोजन की भी स्वीकृति दी गई है।

लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण के लिए 15 हजार 598 करोड़ रूपये की स्वीकृति

 मंत्रि-परिषद ने वित्त विभाग अंतर्गत लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया से संबंधित योजना को 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि (01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) तक योजनाओं के संचालन की निरंतरता के लिए कुल 15,598.27 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

 स्वीकृति अनुसार कोषालयों की स्थापना के लिए 683.50 करोड़ रूपये, लंबित देनदारियों के भुगतान से सम्बंधित योजना के लिए 13,818.32 करोड़ रूपये के साथ लेखा प्रशिक्षण शालाओं की स्थापना, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण, म.प्र. आंतरिक लेखा परीक्षण प्रकोष्ठ, निर्देशन एवं प्रशासन, संभागीय कार्यालयों की स्थापना और सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी परियोजनाएँ एवं कार्य के लिए 1,096.45 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है।

शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और सुदृढ़ीकरण के लिए 6 हजार 900 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने लोक निर्माण विभाग अंतर्गत शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और उन्नयन सहित सड़कों के सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजनाओं को सोलहवें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च 2031) तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 900 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार शहरी एवं नगरीय मार्गों के नव निर्माण और उन्नयन के लिए 2,100 करोड़ रूपये और सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए 4,800 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों की पेंशन के लिए

6115.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एन.एस.ए.पी.) अंतर्गत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6115.99 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना 15 अगस्त 1995 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। योजनान्तर्गत गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों को उनकी पात्रतानुसार 600 रूपये प्रतिमाह पेंशन राशि का भुगतान किया जाता है।

बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सीहोर के बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना के लिए 714.91 करोड़ रूपये के स्थान पर 763.40 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार बुदनी में 100 एम.बी.बी.एस. सीट प्रवेश क्षमता के नवीन चिकित्सा महाविद्यालय तथा 500 सीटर संबद्ध अस्पताल स्थापित किया जाएगा। साथ ही नर्सिग पाठ्यक्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता के नर्सिंग महाविद्यालय और पैरामेडिकल पाठ्क्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता के पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना भी की जायेगी।

नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय (ठिकरिया तालाब) सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए लागत राशि 163.95 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इससे नीमच की नीमच तहसील के 22 ग्रामों की कुल 5,200 हैक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

राज्य मंत्रियों व्दारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की राशि को बढ़ाकर 25 हजार रूपये किए जाने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य मंत्रियों व्दारा दिए जाने वाले स्वेच्छानुदान की राशि में किसी एक प्रकरण के लिए वर्तमान में निर्धारित सीमा राशि 16,000 रूपये को बढ़ाकर  25,000 रुपये किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

उच्च न्यायालय के सामने मल्टीलेवल वाहन पार्किंग के निर्माण की लागत राशि को विभागीय सूचकांक की गणना से मुक्त रखे जाने की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा उच्च न्यायालय, म.प्र. जबलपुर में गेट क्रमांक 4 और 5 के सामने मल्टीलेवल वाहन पार्किंग ब्लाक कम बार ऑफिस के निर्माण की लागत राशि 94 करोड़ 16 लाख रूपये की योजना के प्रस्ताव को विभागीय सूचकांक की गणना से मुक्त रखे जाने की स्वीकृति दी गई है।

  10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन और MPRDC अंतर्गत EPC तथा HAM परियोजनाओं में मासिक दर समायोजन की स्वीकृति

  मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में मूल्य समायोजन को स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 10 करोड़ रुपये से कम लागत वाले डामरीकृत मार्गों के निर्माण, नवीनीकरण और संधारण कार्यों के अनुबंधों में अब मूल्य समायोजन का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए एक विशिष्ट फॉर्मूला [V = Q(W_f - W_o)] निर्धारित किया गया है, जिससे डामर की बढ़ी हुई दरों का बोझ संविदाकारों पर नहीं पड़ेगा। इससे छोटे और मध्यम स्तर के ठेकेदारों को बड़ी राहत मिलेगी और कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो सकेंगे। वैश्विक स्तर पर डामर (बिटुमेन) की कीमतों में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए ठेकेदारों को मूल्य समायोजन का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

  इसके अतिरिक्त मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के अंतर्गत संचालित EPC (Engineering, Procurement, and Construction) और HAM (Hybrid Annuity Model) परियोजनाओं में 'Schedule-G' और 'Schedule-H' के तहत मूल्य समायोजन की गणना त्रैमासिक के स्थान पर भारत सरकार के MoRTH (सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय) के नियमों के अनुसार मासिक आधार पर करने की स्वीकृति दी है।

  वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे डामर की दरों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस कारण कई निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे। मंत्रि-परिषद द्वारा दी गई यह राहत 1 मई 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि में क्रय किए गए बिटुमेन (डामर) के लिए लागू होगी।


प्रदेश पुलिस ने अटूट साहस और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर बनाई विशेष पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव








  सुशासन के मार्ग पर चलने में सरकार का अहम हिस्सा है पुलिस
मध्यप्रदेश पुलिस की धाक और साख प्रशंसनीय
प्रतिवर्ष प्रदान किये जाये प्रोत्साहन पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस विभाग के पुरस्कारों की राशि बढ़ाने की दी मंजूरी
पुलिसकर्मियों के कल्याण का ध्यान रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी
पुलिस सेवा में भर्ती प्रक्रिया को किया जा रहा है तेज
वर्ष 2019-20 और 2020-21 के लिये 101 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी सम्मानित
दस्यु उन्मूलन, नक्सल विरोधी अभियानों, साम्प्रदायिक सद्भाव और कानून व्यवस्था बनाये रखने में योगदान देने वालों को किया गया पुरस्कृत


  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपने अटूट साहस और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। पुलिस सुशासन के मार्ग पर चलने में सरकार का अहम हिस्सा है। राज्य की शांति और सुरक्षा व्यवस्था देशभक्ति और जनसेवा में समर्पित पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को सम्मानित कर मैं स्वयं गर्व का अनुभव कर रहा हूँ। यह पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की दक्षता, योग्यता और क्षमता का ही परिणाम है कि उन्हें के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस ने जिस प्रकार से धाक और साख बनाई है वह निश्चित ही प्रशंसनीय है। पुलिस विभाग में जो भी नवाचार किया जाना है, राज्य सरकार का पूर्ण सहयोग उसके साथ है।

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए असधारण कार्य करने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को वर्ष 2019-2020 और 2020-2021 के लिए रवीन्द्र भवन में आयोजित के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सम्मानित होने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और उनके परिजन उपस्थित थे।

पुलिसकर्मियों को उनके जिले में आवास उपलब्ध कराये जायेंगे
 
 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज 2 वर्ष के पुरस्कार एक साथ दिये जा रहे है। कर्तव्यनिष्ठा और असाधारण कार्य के लिए प्रोत्साहन स्वरूप दिये जाने वाले यह पुरस्कार आगामी वर्षों में प्रति वर्ष प्रदान किये जायें। यह सुनिश्चित किया जाये कि पुरस्कार वितरण में भविष्य में विलंब न हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा प्रदान किए जाने वाले पुरस्कारों की राशि बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। पुलिस महानिदेशक (डीजी) स्तर पर पहले 25 हजार रूपये तक के पुरस्कार दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर 50 हजार रूपये कर दिया गया है, जिससे उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का और अधिक उत्साहवर्धन हो सके। उन्होंने कहा कि हमारे पुलिसकर्मियों को उनके जिले में पात्रता अनुसार आवास उपलब्ध कराने के लिए हाउसिंग बोर्ड एवं संबंधित प्राधिकरणों से समन्वय कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। पुलिसकर्मी समाज की सुरक्षा के लिए सदैव समर्पित रहते हैं, इसलिए उनके कल्याण का ध्यान रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिसकर्मियों की प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके समर्पण के लिये मेरे मन में विशेष स्नेह और सम्मान का भाव है।

वर्ष 2026 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होते ही अगले वर्ष की प्रक्रिया होगी आरंभ

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस सेवा में भर्ती प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक युवा पुलिस बल से जुड़कर जन-कल्याण, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में अपनी भूमिका निभा सकें। वर्ष 2026 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होते ही अगले वर्ष की भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जिला बल में पुलिस बैंड के लिये भी भर्ती प्रक्रिया आरंभ की गई है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश नया दौर देख रहा है

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय मंत्री श्री अमित शाह ने वर्ष 2026 तक देश से नक्सली उन्मूलन का संकल्प लिया था। हमने वह लक्ष्य डेडलाइन से पहले ही पूरा कर लिया। पुलिस का प्रत्येक जवान इसकी बधाई का पात्र है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की इच्छाशक्ति के बलबूते पर ही देश नक्सली समस्या से मुक्त हो पाया। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश नया दौर देख रहा है और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री शाह के प्रयासों से हम देश में सकारात्मक बदलाव का अनुभव कर रहे हैं।

पद्मविभूषण के.एफ. रुस्तमजी पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा पुंज

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी पद्मविभूषण के.एफ. रुस्तमजी का स्मरण करते हुए कहा कि वे पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा पुंज रहेंगे। प्रदेश में चम्बल के बीहड़ों से डाकुओं के गिरोहों का सफाया कर जनता को भयमुक्त करने का अभूतपूर्व कार्य किया। उन्होंने हर चुनौती का बखूबी सामना किया। रुस्तमजी के मार्गदर्शन में ही सीमा सुरक्षा बल की नींव रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश की सुरक्षा में प्राण प्रण से जुटे 101 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ठ सेवाओं के लिए के.एफ रुस्तम पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। यह पुरस्कार उन वीरों को मिल रहे है, जिन्होंने दस्यु उन्मूलन, नक्सल विरोधी अभियानों और साम्प्रदायिक सदभाव बनाये रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

सायबर क्राइम की चुनौती से भी प्रभावी तौर पर निपटेगी मध्यप्रदेश पुलिस

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में सायबर क्राइम के रूप में अपराध का एक नया चेहरा हमारे सामने है, जिसमें अपराधी सॉफ्टवेयर से हमला कर रहे है। सायबर क्राइम की इस चुनौती का सामना करने के लिए हमें बौद्धिक और तकनीकी श्रेष्ठता की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि मध्यप्रदेश पुलिस अपनी गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए, दृढ़ इच्छा शक्ति और संकल्प के आधार पर साइबर क्राइम की चुनौती से भी प्रभावी तौर पर निपटेगी और अपनी प्रतिष्ठा को बनाये रखेगी।

परम विशिष्ट-अतिविशिष्ट तथा विशिष्ट श्रेणी में दिये गये पुरस्कार

 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि रुस्तमजी पुरस्कार के अंतर्गत परम विशिष्ट श्रेणी में सम्मानित अधिकारियों को सम्मान स्वरूप 5-5 लाख रुपये अथवा रिवॉल्वर/गन तथा अतिविशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत्2-2 लाख रुपये अथवा रिवॉल्वर/गन प्रदान की जा रही है। विशिष्ट श्रेणी के अंतर्गत 50 हजार रुपये और प्रमाण-पत्र प्रदान किये जा रहे है।

वर्तमान समय में कम्युनिटी पुलिसिंग निभा रही है अहम भूमिका

 पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2013 में की गई थी। अब तक 418 पुलिस अधिकारियों को यह पुरस्कार प्रदान किया जा चुका है। दस्यु उन्मूलन, कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण सहित अन्य कार्यों के लिए यह पुरस्कार दिया जाता है।

  पुलिस महानिदेशक श्री मकवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में हमारा पुलिस बल प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा में अहम योगदान दे रहा है। मध्यप्रदेश पुलिस ने अनेक उपलब्धियां भी हासिल की हैं। इसमें 11 दिसंबर 2025 को प्रदेश को नक्सलवाद से मुक्त कराना और डायल 112 सेवा का क्रियान्वयन शामिल है। पिछले साल कुल साढ़े 8 हजार पदों पर पुलिस भर्ती की स्वीकृति प्राप्त हुई है। कॉन्स्टेबल भर्ती की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है और सिपाहियों को ज्वाइनिंग दी जा रही है। सिंहस्थ-2028 एक बड़ा आयोजन होगा, इसके लिए पुलिस बल को प्रशिक्षण देकर जमीनी स्तर पर तैनात करना बहुत आवश्यक है, इसके लिए तैयारियां जारी हैं। वर्तमान समय में कम्युनिटी पुलिसिंग अहम भूमिका निभा रही है, जनभागीदारी से म.प्र. पुलिस ने पिछले साल "नशे से दूरी है जरूरी" अभियान का सफल क्रियान्वयन किया, लाखों की संख्या में प्रदेशवासी इस अभियान का हिस्सा बने। अगले 3 वर्षों में प्रदेश को नारकोटिक ड्रग्स से पूर्णत: मुक्त करने का लक्ष्य है। वर्तमान दौर में प्रदेश पुलिस नई तकनीक से लैस हो रही है। सायबर अपराध से निपटने के लिए ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत की गई है। हमारे पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपराध नियंत्रण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।

वर्ष 2019-20 के रुस्तमजी पुरस्कार

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2019-20 का के.एफ. रुस्तमजी पुरस्कार परम विशिष्ट श्रेणी में तत्कालीन जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, जिला इन्दौर हाल पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त इन्दौर श्री राजेश सहाय, तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला नरसिंहपुर हाल सेवानिवृत्त महिला सुरक्षा, जबलपुर श्री राजेश तिवारी, तत्कालीन उप निरीक्षक थाना मझगवां, जिला सतना श्री ओम प्रकाश चौंगडे हाल कार्यवाहक निरीक्षक जिला बडवानी को पुरस्कार प्रदान किया गया है। अति विशिष्ट श्रेणी में श्री मनोज शर्मा, निरीक्षक, अनुभाग 3, विशेष शाखा, मुख्यालय भोपाल, सुश्री ज्योति तिवारी, तत्कालीन महिला आरक्षक, अ.अ.वि. (विशेष किशोर इकाई), जिला सागर हाल कार्यवाहक प्रधान आरक्षक जिला सागर को प्रदान किया गया। विशिष्ट श्रेणी में श्रीमती शालिनी दीक्षित, तत्कालीन सहायक पुलिस महानिरीक्षक, महिला अपराध शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल हाल अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-3 नगरीय पुलिस भोपाल, श्री संदेश कुमार जैन, तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सायबर क्राईम, जिला पुलिस बल, भोपाल हाल पुलिस अधीक्षक, रेडियो भोपाल हाल प्रतिनियुक्ति AIIMS भोपाल, श्री विनय प्रकाश पॉल सहायक पुलिस महानिरीक्षक, विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल, श्री विक्रम सिंह. तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बीना, जिला सागर हाल जिला मउगंज, श्री ममतेश कुमार माली, तत्का. उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल हाल पुलिस अधीक्षक, पी.टी.एस. (एम.टी.) भोपाल सहित कुल 43 अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किये गये।

वर्ष 2020-21 के रूस्तमजी पुरस्कार

  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2021-22 के के.एफ. रूस्तमजी पुरस्कार, परम विशिष्ट श्रेणी में श्री अपूर्व भलावी, तत्का. अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), परसवाड़ा, जिला बालाघाट हाल लखनादौन सिवनी, श्री पंकज कर्मा, तत्का, निरीक्षक, एटीएस इकाई, उज्जैन हाल एटीएस इकाई, खण्डवा, श्री मनीष जारवाल, निरीक्षक, एटीएस इकाई, उज्जैन, श्री विजय वास्कले, तत्का. उप निरीक्षक, थाना प्रभारी, टाण्डा, जिला धार हाल कार्यवाहक निरीक्षक, जिला अलीराजपुर को तथा अति विशिष्ट श्रेणी में श्री गोपाल प्रसाद खाण्डेल, तत्का. अति. पु.अ. शहर, जिला जबलपुर हाल सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक, पीटीएस सागर, श्री वैभव श्रीवास्तव, तत्कालीन अतिरिक्त पु.अ., राज्य सायबर, पुलिस मुख्यालय भोपाल हाल सहायक पुलिस महानिरीक्षक, एटीएस मुख्यालय भोपाल, श्रीमती भावना मरावी, तत्कालीन अनु. अधिकारी (पुलिस), सीहोरा, जिला जबलपुर हाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रेल जबलपुर,श्री अवधेश सिंह भदौरिया, तत्कालीन उप निरीक्षक, थाना विरसा, जिला बालाघाट हाल कार्यवाहक निरीक्षक, थाना प्रभारी हनुमानगंज भोपाल,श्री सुनील मिश्रा, तत्का. आरक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल हाल कार्यवाहक प्रधान आरक्षक एटीएस मुख्यालय, भोपाल श्री अनिल रावत, आरक्षक, एटीएस मुख्यालय, भोपाल को प्रदान किये गये। विशिष्ट श्रेणी श्रीमती गीता चौहान, तत्का. उपुअ पीटीसी, इन्दौर हाल अति. पुलिस अधीक्षक, पीटीसी इन्दौर, श्री दुर्गेश आर्मी, तत्का. उ.पु.अ. लांजी, जिला बालाघाट हाल नगर पुलिस अधीक्षक, जावरा रतलाम, श्री रामशंकर सिलावट उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस इकाई, इन्दौर, श्री अभिनव कुमार बारंगे, तत्का. अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) भितरवार, जिला ग्वालियर हाल नगर पुलिस अधीक्षक, जिला खण्डवा सहित कुल 39 अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार से सम्मानित किया।


Kuno National Park में बढ़ा चीतों का कुनबा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 2 मादा चीतों को खुले जंगल में किया विमुक्त

Chief Minister Dr Mohan Yadav releasing cheetahs in Kuno National Park






 


  श्योपुर | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश की धरती ने चीतों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराकर उन्हें पुनर्स्थापित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। मध्यप्रदेश ने चीतों को अपने परिवार का हिस्सा बनाया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लगभग साढ़े तीन वर्ष पहले कूनो में चीता प्रोजेक्ट (Cheetah Project) की शुरुआत की थी। आज देश में चीता पुनर्स्थापना (Cheetah Reintroduction) का यह प्रोजेक्ट सफलता के साथ नए आयामों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्य में मध्यप्रदेश नित नए कीर्तिमान (New Milestones) रच रहा है।

  यह बात उन्होंने श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में 2 मादा चीतों को खुले जंगल में विमुक्त करते हुए कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो नदी के किनारे स्थित चीता रिलीज साइट (Cheetah Release Site) पर सीसीवी-2 और सीसीवी-3 चीतों को खुले जंगल (Wild Habitat) में छोड़ा।

   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश धर्म,निवेश (Investment) एवं जैव विविधता (Biodiversity) के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और अब बोत्सवाना से लाए गए चीतों के पुनर्स्थापन को निरंतर सफलता मिल रही है। आज प्रदेश ने देशभर में चीता स्टेट (Cheetah State) के रूप में पहचान बनाई है। वर्तमान में चीतों की कुल संख्या 57 है, जिनमें से 54 कूनो नेशनल पार्क में और 03 गांधी सागर अभ्यारण्य (Gandhi Sagar Sanctuary) में हैं। यह वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन (Wildlife Conservation) की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

  इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, मध्यप्रदेश वन विकास निगम के अध्यक्ष  रामनिवास रावत,सहरिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई आदिवासी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके साथ ही पीसीसीएफ श्रीमती समिता राजौरा, डीआईजी संजय कुमार जैन, कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल, डीएफओ कूनो आर थिरूकुराल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस सफल रिलीज मिशन (Successful Release Mission) ने मध्यप्रदेश के इको-टूरिज्म (Eco-tourism) और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को नई मजबूती दी है।

PM Modi News: प्रधानमंत्री मोदी ने दी देशभक्ति की नई परिभाषा, वैश्विक संकट के बीच देशवासियों से किए ये बड़े संकल्प

Narendra Modi speech on global supply chain crisis and Atmanirbhar Bharat.






 

 


  नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक उथल-पुथल और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में आ रही चुनौतियों के बीच देशवासियों से एकजुट होकर 'कर्तव्य पथ' पर चलने की पुरजोर अपील की है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि कोरोना महामारी और मौजूदा वैश्विक युद्ध के प्रभाव के कारण दुनिया भर में खाद (Fertilizer), ईंधन (Fuel) और खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसका गंभीर असर भारत पर भी हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों और आम नागरिकों को महंगाई से बचाने के लिए खाद और तेल की कीमतों का अतिरिक्त बोझ खुद उठा रही है, लेकिन इस लंबे संकट से निपटने के लिए अब जनता को भी अपनी नागरिक जिम्मेदारी निभानी होगी।

​    देशभक्ति का मतलब सिर्फ मरना नहीं, देश के लिए जीना भी है 

   सच्ची देशभक्ति की एक नई और व्यावहारिक परिभाषा देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केवल देश के लिए मरना ही देशभक्ति नहीं है, बल्कि संकट के समय में अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश के लिए जीना भी सबसे बड़ी राष्ट्रसेवा है। उन्होंने नागरिकों से विशेष आग्रह किया कि इस कठिन समय में पेट्रोल और डीजल का संयम से इस्तेमाल करें। इसके समाधान के रूप में उन्होंने सार्वजनिक परिवहन जैसे मेट्रो का उपयोग करने, निजी वाहनों के लिए कार-पूलिंग अपनाने, माल ढुलाई के लिए इलेक्ट्रिक रेलवे को प्राथमिकता देने और ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का प्रयोग करने का सुझाव दिया।

​विदेशी मुद्रा बचाने के लिए 'वोकल फॉर लोकल' पर जोर

  देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और बहुमूल्य विदेशी मुद्रा (Foreign Reserve) बचाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने मध्यम वर्ग से एक भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि देशभक्ति के जज्बे को अपनाते हुए नागरिक कम से कम एक साल तक विदेशों में छुट्टियां मनाने या विदेशों में शादी करने (Destination Wedding Abroad) के कार्यक्रमों को टाल दें और इसके बजाय भारत के ही पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता दें। इसके अलावा, ऊर्जा की बचत और ईंधन की खपत कम करने के लिए पीएम मोदी ने 'वर्क फ्रॉम होम' और 'वर्चुअल मीटिंग्स' जैसी आदतों को दोबारा दिनचर्या में शामिल करने की आवश्यकता जताई है, ताकि वैश्विक संकट के इस दौर में भारत आत्मनिर्भरता के साथ मजबूती से खड़ा रह सके।

राजगढ़ में गूंजी श्रीराम कथा: भगवान ने धनुष नहीं,बल्कि राजाओं के अहंकार को तोड़ा है - ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम भारद्वाज

Jyotishacharya Purshottam Bhardwaj Shri Ram Katha Rajgarh Dhar Madhya Pradesh





 
 राजगढ़ (धार) : नगर के सोसाइटी ग्राउंड पर आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा के सातवें दिन रविवार को श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। पांच धाम एक मुकाम माताजी मंदिर के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम भारद्वाज के मुखारविंद से बह रही श्रीराम कथा की अमृत धारा में हर कोई सराबोर नजर आया। व्यासपीठ से कथा का वाचन करते हुए श्री भारद्वाज जी ने शिव धनुष भंग और परशुराम-लक्ष्मण संवाद के प्रसंग को बड़ी ही गहनता और रोचकता के साथ समझाया।
  
  अहंकार और नम्रता का संदेश देते हुए कथावाचक ने कहा कि जनकपुरी की सभा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने केवल शिव धनुष को ही नहीं तोड़ा, बल्कि वहां उपस्थित अभिमानी राजाओं के अहंकार और घमंड को भी चकनाचूर किया। उन्होंने शेर और हाथी का प्रेरक उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार जंगल का राजा शेर अपने किसी अभिषेक या वोट से नहीं, बल्कि अपनी सामर्थ्य, साहस और व्यक्तिगत बल से राजा कहलाता है, उसी प्रकार ईश्वर भी समर्थ हैं। भगवान राम की महानता यह थी कि इतना बड़ा कार्य करने के बाद भी उनमें लेशमात्र भी घमंड नहीं था और वे माता सीता के समक्ष विनम्र भाव से मस्तक झुकाए खड़े रहे। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि सामर्थ्य प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि जनकल्याण और सेवा के लिए होती है।

   कथा के अगले चरण में परशुराम जी के आगमन और लक्ष्मण जी के साथ हुए उनके ओजस्वी संवाद का सजीव चित्रण किया गया। श्री भारद्वाज जी ने बताया कि जब परशुराम जी शिव धनुष टूटने पर क्रोधित हुए, तो लक्ष्मण जी ने अपनी तार्किक बातों से उन्हें प्रत्युत्तर दिया। लक्ष्मण जी ने स्पष्ट किया कि रघुकुल की यह परंपरा रही है कि ब्राह्मण, देवता, भगवान के भक्त और गौ माता पर कभी शस्त्र नहीं उठाया जाता। जहां लक्ष्मण जी का क्रोध अग्नि के समान प्रज्वलित था, वहीं भगवान राम की वाणी शीतल जल के समान थी, जिसने अंततः परशुराम जी के क्रोध को शांत किया। ज्योतिषाचार्य जी ने जोर देकर कहा कि जीवन में असंभव दिखने वाले कार्यों को भी विनम्रता और मधुर स्वभाव से सिद्ध किया जा सकता है।
   
  नगर में पड़ रही भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। आयोजन समिति ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। पूरे कथा पंडाल को आधुनिक तकनीक से वातानुकूलित बनाया गया है, जिससे श्रद्धालु भीषण ताप में भी सुकून और शांति के साथ बैठकर प्रभु भक्ति का आनंद ले रहे हैं। इसके साथ ही आयोजन स्थल पर शीतल पेयजल की सुचारू व्यवस्था की गई है। कथा के साथ-साथ परिसर में राम-नाम महायज्ञ भी अनवरत जारी है, जिसमें क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में आहुतियां देकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
   
  कथा की पूर्णाहुति को लेकर लक्ष्मण डामेचा ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस भव्य श्रीराम कथा का समापन 12 मई को होगा। इसके पश्चात, 13 मई को सोसाइटी ग्राउंड पर एक विशाल और ऐतिहासिक आयोजन होगा, जिसमें निःशुल्क सामूहिक विवाह संपन्न कराए जाएंगे। इस विशेष अवसर पर 'नगर चौरासी' के रूप में भव्य महाप्रसादी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें पूरे क्षेत्र का जनमानस एक साथ भोजन ग्रहण करेगा। आयोजन समिति ने क्षेत्र के समस्त नागरिकों से इस धार्मिक अनुष्ठान में सहभागी बनने की भावपूर्ण अपील की है।

मोबाइल की रील नहीं,राम नाम की रील घुमाइए,चकला-बेलन चलाते हुए भी पाएँ परमात्मा का सान्निध्य -






 


  आत्मा और मन के उपचार के लिए कथा पांडाल ही सबसे बड़ा चिकित्सालय: ज्योतिषाचार्य श्री पुरुषोत्तम भारद्वाज


    राजगढ़। स्थानीय सोसायटी ग्राउंड के वातानुकूलित पांडाल में आयोजित संगीतमय श्री राम कथा के छठवें दिन ज्योतिषाचार्य परम पूज्य श्री पुरुषोत्तम भारद्वाज ने श्रद्धालुओं को भक्ति और ज्ञान के मार्ग से परिचित कराया। कथा के प्रारंभ में यजमानों द्वारा मंच पूजन किया गया, जिसके बाद मधुर भजनों की प्रस्तुति पर पांडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करने लगे।

   व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए श्री भारद्वाज ने कहा कि मनुष्य का स्वभाव उसकी संगत पर निर्भर करता है। उन्होंने संसार की तुलना एक गंदे नाले से और कथा की तुलना मां गंगा से करते हुए कहा कि जिस प्रकार गंगा का सान्निध्य पतित को भी पावन कर देता है, उसी प्रकार कथा और सत्संग हमारे दूषित विचारों को शुद्ध कर देते हैं। उन्होंने जीवन में 'प्रतिस्पर्धा' (कंपटीशन) के बढ़ते चलन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भौतिक वस्तुओं की होड़ हमें दुख देती है, जबकि भक्ति के मार्ग में की गई प्रतिस्पर्धा आनंद प्रदान करती है।

     ज्योतिषाचार्य जी ने परिवार और संस्कारों पर जोर देते हुए कहा कि बेटा अगर अहंकार का रूप है, तो बेटी प्रेम और दया का स्वरूप है। उन्होंने वर्तमान समय में मोबाइल के बढ़ते प्रभाव के बीच गृहणियों को एक अनोखा मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि रसोई में भोजन बनाते समय चकला-बेलन चलाने के साथ-साथ भगवान का नाम लेना चाहिए। जिस प्रकार झूला आगे-पीछे होने पर आनंद आता है, उसी प्रकार बेलन की गति के साथ 'हरे राम-हरे कृष्ण' का जाप करने से भोजन भी प्रसाद बन जाता है।कथा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि शरीर के रोगों के लिए अस्पताल जाना जरूरी है,लेकिन आत्मा, मन और बुद्धि के उपचार के लिए कथा पांडाल ही सबसे बड़ा चिकित्सालय है। यहाँ मिलने वाली 'राम नाम' की टेबलेट मनुष्य के जीवन को तनावमुक्त और निर्मल बनाती है। कथा के अंत में भगवान की महाआरती की गई और प्रसाद वितरण हुआ।
   
   स्थानीय सोसायटी ग्राउंड में भक्ति की बयार के बीच शनिवार से 'मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम नाम जप महायज्ञ' का भव्य शुभारंभ हुआ, जो 12 मई तक अनवरत चलेगा। श्री महावीर हनुमान गौशाला मंदिर ट्रस्ट एवं संत रविदास ट्रस्ट मंडल के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस महोत्सव में प्रतिदिन श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक राम नाम जप किया जा रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया है।
​   
   आयोजन समिति के लक्ष्मण डामेचा ने बताया कि 12 मई को कथा के समापन के पश्चात, 13 मई बुधवार को विशाल 'नगर चौरासी' और सर्व समाज के 'निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन' का ऐतिहासिक आयोजन होगा। इस सम्मेलन में 108 जोड़ों के विवाह का पावन लक्ष्य रखा गया है, जिसकी तैयारियाँ युद्ध स्तर पर जारी हैं। दोपहर 12:30 से शाम 4 बजे तक चलने वाली इस कथा में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु वातानुकूलित पांडाल में महाप्रसादी का लाभ ले रहे हैं।