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एक शाम श्री सोनाणा खेतलाजी के नाम : भजन संध्या में झूमे श्रद्धालु,भव्य वरघोड़ा बना आकर्षण का केंद्र








 




  राजगढ़ (धार)। श्री सोनाणा खेतलाजी भक्तमंडल, राजगढ़ द्वारा शुक्रवार को “एक शाम श्री सोनाणा खेतलाजी के नाम” विशाल भजन संध्या का भव्य आयोजन शिव वाटिका में किया गया। धार्मिक आस्था, भक्ति और उत्साह से सराबोर इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भजन संध्या में प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे।
  आयोजन श्री कुलदेवी माताजी, श्री कुलदेवता खेतलाजी बावजी एवं भक्त शिरोमणि शांतिलाल लादाजी भंडारी के आशीर्वाद तथा भक्तराज राजराजेंद्र भंडारी के आदेश से श्री सोनाणा खेतलाजी के परम भक्त हिमेश नाहटा के सानिध्य में संपन्न हुआ।
  कार्यक्रम से पूर्व दोपहर में माताजी मंदिर से भव्य वरघोड़ा निकाला गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मेला मैदान स्थित शिव वाटिका पहुंचा। वरघोड़े में सबसे आगे बैंड-बाजे, ढोल एवं अखंड ज्योत चल रही थी। वहीं सुसज्जित रथ में अम्बा माताजी, खेतलाजी भेरू बावजी एवं गजानंद की रजत प्रतिमाएं विराजित थीं। प्रतिमाओं के साथ संदीप कुमार-जयप्रकाश बाफना परिवार (बरमंडल वाले, राजगढ़) विराजमान थे। मार्ग में विभिन्न लाभार्थी परिवारों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल एवं अन्य सेवाएं प्रदान की गईं।
  शिव वाटिका पहुंचने पर माताजी एवं खेतलाजी को कमलकुमार-विमलचंद्र कांकरेचा परिवार (नालछा) ने विराजित कराया। कुमकुम, अबीर एवं गुलाल पूजन का लाभ सतन कुमार एवं संतोष कुमार चौरड़िया परिवार ने लिया। माताजी को चुनड़ी एवं खेतलाजी को इत्र अर्पण करने का लाभ दिलीप कुमार एवं मोतीलाल वागरेचा परिवार (राजगढ़) ने प्राप्त किया। महाआरती संजय कुमार एवं प्रेमचंद्र नाहटा परिवार ने उतारी, जबकि अखंड ज्योत की आरती कीर्तिलाल नेमभाई व्होरा परिवार (अहमदाबाद) द्वारा की गई।
  इस अवसर पर 56 भोग जयंतिलाल-मांगीलाल सराफ परिवार (राजगढ़) द्वारा अर्पित किया गया। लाभार्थी परिवारों का बहुमान विनोद कुमार एवं समरथमल छजलानी परिवार ने किया। बालभोग स्व. सेठ सुजानमल दसेड़ा एवं स्व. श्रीमती कांतादेवी दसेड़ा की पुण्य स्मृति में प्रदीप कुमार एवं अंकुश कुमार दसेड़ा (जावरा) द्वारा अर्पित किया गया। वहीं लक्की ड्रा का लाभ श्री खेतल शांति भक्त परिवार, राजगढ़ द्वारा लिया गया।
  कार्यक्रम में गुरु राजराजेंद्र भंडारी ने कुलदेवी माताजी एवं कुलदेवता खेतलाजी बावजी की महिमा, स्थापना विधि, जाया-परणिया की जात तथा विभिन्न धार्मिक नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
  भजन संध्या में राजस्थान के प्रसिद्ध संगीतकार दीपक राठौड़ (पाली), सुप्रसिद्ध भजन गायिका नीता नायक एंड पार्टी तथा बाल कलाकार कृषिव बागरेचा (जोधपुर) ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भजनों की मधुर स्वर लहरियों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। मंच संचालन प्रमोद परिहार (पाली) ने किया। धर्मेंद्र सिंह एवं हेमासिंह की जोड़ी भी आकर्षण का केंद्र रही।
  आयोजन को सफल बनाने में महेंद्र कुमार-अजय कुमार धोका परिवार (धार), शेखर कुमार-कालूसिंह राठौड़ परिवार (राजगढ़), मनीष कुमार-अशोक कुमार चंडालिया (कुशलगढ़), अनिकेत कुमार-संदीप कुमार जैन परिवार (कुक्षी) 
  मेहंदी चढ़ाने स्व. चमेली बेन मथुरालाल मोदी परिवार ने अर्पण की, भोजन प्रसादी दसेड़ा परिवार जावरा द्वारा लाभ लिया गया।
 परम खेतल भक्तों का विशेष सहयोग रहा। भजन संध्या में जाजम की बोली दसेड़ा परिवार, जावरा द्वारा ली गई।

नई रिपोर्ट भारत के 11000 किलोमीटर लम्बे तटीय क्षेत्र पर मंडराते जलवायु संकट की चेतावनी देती है

मुंबई, महाराष्ट्र, भारत

भारत के तटीय क्षेत्रों पर जलवायु परिवर्तन का संकट मंडरा रहा है। अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी द्वारा रिलीज की गई रिपोर्ट इंडियन कोस्टल रीजन : क्लाइमेट प्रोजेक्शन 2021-2040 के अनुसार यह संकट अगले कुछ सालों में जिंदगियों, रोजगार की स्थितियों और पारिस्थितिक तंत्र को बदल देगा।

निकट भविष्य (2021-2040) की संभावनाओं पर ध्यान देते हुए यह अध्ययन नीति-निर्माताओं और स्थानीय समुदायों के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टियां प्रदान करता है। इस अध्ययन के लिए CMIP6* मॉडल का इस्तेमाल किया गया है, जिसे क्षेत्रीय स्तर की सटीकता बढ़ाने के लिए संतुलित किया गया है। यह रिपोर्ट आगाह करती है कि अनुकूलन का समय बड़ी तेजी से घटता जा रहा है क्योंकि भारत के सभी प्रशासनिक क्षेत्रों में जल्दी ही 1.5 डिग्री सेल्सियस की वार्मिंग सीमा को छूने का खतरा पैदा हो चुका है।

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के सीईओ अनुराग बेहार ने कहा कि, “जलवायु परिवर्तन कोई सुदूर भविष्य की चुनौती नहीं है, यह आज की सच्चाई है। 2040 महज 14 साल दूर है। ये आंकड़े जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को उसकी तात्कालिकता के साथ सामने रखते हैं और इस समस्या से सामूहिक तौर पर निपटने के लिए अपने बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक तंत्र में बदलाव की जरूरत को रेखांकित करते हैं।

रिपोर्ट इस बात की पहचान करती है कि केरल में वेट-बल्ब टेम्परेचर के बढ़ने से लेकर महाराष्ट्र में मानसून के बढ़ने जैसे परिवर्तन नाकइ विंड कैलेण्डर जैसी पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को पहले ही अविश्वसनीय बना रहे हैं। इस रिपोर्ट का लक्ष्य जिला-स्तर पर सुरक्षात्मक उपायों की तैयारी के लिए स्थानीय प्रशासन को जरूरी बुनियादी आंकड़े मुहैया कराना है।

अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ क्लाइमेट चेंज एंड सस्टेनेबिलिटी की डायरेक्टर हरिनी नगेन्द्र ने कहा कि “इस रिपोर्ट के आंकड़े एक ऐसी सच्चाई बयान कर रहे हैं, जिसे नजरंदाज करने का जोखिम हम नहीं उठा सकते। जलवायु परिवर्तन को दशकों से हमने कहीं दूर मौजूद वैश्विक समस्या के रूप में देखा है, ध्रुवीय बर्फीली चोटियों से जुड़ी ऐसी समस्या के रूप में जिसके गहराने में अभी सदियों का समय बाकी हैं। लेकिन हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि भारतीय तटीय क्षेत्र के मामले में संकट बहुत स्थानीय और बहुत करीब है। बात चाहे एर्नाकुलम में बढ़ती गर्मी की हो, चाहे सुंदरबन में बढ़ते खारेपन की, जलवायु परिवर्तन का प्रभाव हमारी जिंदगी के हर पहलू पर दिख रहा है। हालात बिगड़ने के बाद सिर्फ़ नुकसान कम करने की कोशिश से आगे बढ़कर अब हमें पहले से तैयारी करने और खुद को ढालने की दिशा में काम करना होगा। इसके लिए हमारे पास बहुत कम समय है। हमें एक ऐसा भविष्य बनाना है जो हमारे राष्ट्र के सामने आने वाली पारिस्थितिक चुनौतियों को स्वीकार करता हो।’’

महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाके एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय संक्रमण के दौर में प्रवेश कर रहे हैं। इससे मुंबई उपनगर के गर्मियों के समय के अधिकतम तापमान में 1.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है। यह गर्मी से बचने की योजनाओं की बढ़ती जरूरत पर जोर देता है। इस गर्मी के साथ-साथ मौसमी बरसात में भी स्पष्ट तीव्रता दिखती है। मुंबई उपनगर में लगभग एक अतिरिक्त हफ्ते (+6 दिन) तक तेज बारिश की उम्मीद है। जबकि सूरत और भावनगर में दक्षिण-पश्चिमी मानसून के प्रभाव में क्रमशः 23% और 24% बढ़ोत्तरी की संभावना है। इन बदलावों के कारण स्थानीय आजीविका पहले से ही प्रभावित हो रही है। उदाहरण के लिए मुंबई में कोली समुदाय का कहना है कि अनपेक्षित बारिश से झींगों को सुखाने के पारंपरिक पेशे को नुकसान हो रहा है। 2040 की स्थितियों पर ध्यान देते हुए यह रिपोर्ट ऐसे विस्तृत आंकड़े सामने लाती है जो पश्चिमी तट के बुनियादी ढांचों और उसकी अनोखी तटीय विरासत की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।

मुख्य निष्कर्ष

बढ़ता तापमान : भारत के औसत तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है। लगभग 40 तटीय इलाकों में गर्मियों के मौसम के तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस वृद्धि की संभावना है।

 “वेट-बल्ब” का खतरनाक स्तर : तटीय केरल और तमिलनाडु ग्रीष्मकालीन वेट-बल्ब तापमान के उच्च स्तर का सामना करेंगे। 31 डिग्री सेल्सियस का स्तर इंसानों के लिए खतरनाक माना गया है।

एर्नाकुलम की गर्मी में उछाल : सभी तटीय इलाकों की बात करें तो गर्मी के मौसम के अधिकतम तापमान में सबसे ज्‍यादा वृद्धि एर्नाकुलम में होने का अनुमान है। संभावित वृद्धि 1.3 डिग्री सेल्सियस है।

पश्चिमी तट का प्रचंड मानसून : तटीय महाराष्ट्र और गुजरात ज्यादा बारिश का सामना करेंगे। मुंबई उपनगर में लगभग एक अतिरिक्त हफ्ते तक तेज बारिश होने की सम्भावना है।

सूरत के मानसून में बढ़ोत्तरी : ऐतिहासिक स्तरों की तुलना में सूरत के दक्षिण-पश्चिमी मानसून में 23% की बढ़ोत्तरी का अनुमान है।

समुद्री स्तर का बढ़ना और कटाव की समस्या : संयमित उत्सर्जन की स्थिति (SSP2-4.5)** में 2050 तक वैश्विक समुद्री स्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी का अनुमान है, जिससे तटीय कटाव बढ़ेगा और ओड़िशा के गंजाम जैसे क्षेत्रों में “वीरान गांव” बन सकते हैं।

साइक्लोन का खतरा : समुद्री सतह के तापमान में रफ़्तार से होती वृद्धि (0.27 डिग्री सेल्सियस प्रति दशक) प्रचंड ट्रॉपिकल साइक्लोन की संभावना को बढ़ा रही है।

पारंपरिक आजीविका पर प्रभाव : गोवा में बेमौसम बारिश कुछ ही घंटों में तैयार किया हुआ पूरा नमक ख़राब कर दे रही है। गर्म होते समुद्र के कारण मछलियाँ किनारों से दूर जा रही हैं, जिससे छोटी नावों वाले मछुआरों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

स्वास्थ्य और खारापन : सुंदरबन में बार-बार तटबंधों के टूटने से बढ़ता खारापन त्वचा रोग और महिलाओं में माहवारी से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा रहा है।

अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के बारे में

अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु की स्थापना कर्नाटक सरकार के अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी एक्ट 2010 के तहत हुई थी। अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, भोपाल की स्थापना मध्य प्रदेश के निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) द्वितीय संशोधन अधिनियम, 2022 के प्रावधान के तहत हुई थी। रांची में अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की स्थापना झारखण्ड सरकार द्वारा लागू अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी एक्ट, 2022 के तहत हो रही है।

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन ने इन तीनों विश्वविद्यालयों को पूरी तरह परोपकारी संस्थाओं के रूप में बनाया किया है। इन संस्थाओं का स्पष्ट सामाजिक उद्देश्य न्यायपूर्ण, निष्पक्ष, मानवीय और टिकाऊ समाज बनाने में योगदान करना है।

 
संपादकों के लिए नोट

*CMIP6 (क्लाइमेट मॉडलिंग) जलवायु पूर्वानुमान की नवीनतम वैश्विक प्रणाली है। बहुत सटीक पूर्वानुमान के लिए इसमें 30 अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशालाओं के डेटा का एक साथ इस्तेमाल किया जाता है। यह वैज्ञानिकों को किसी विशेष क्षेत्र का बारीकी से अध्‍ययन करने का पहले की तुलना में ज्यादा मौका देता है।

 **SSP2-4.5 “मध्यमार्ग” की स्थति है। यह दुनिया के वर्तमान विकास पथ के आधार पर जलवायु का अनुमान लगाता है। यहाँ इसे एक वास्तविक सन्दर्भ बिंदु के रूप में इस्तेमाल किया गया है। यह बताता है कि अगर वैश्विक विकास और कार्बन उत्सर्जन बिना किसी बड़े बदलाव के मौजूदा रफ़्तार से चलता रहे तो भारत के तटीय क्षेत्रों को तत्काल कितना खतरा है।
 

राजगढ़ में भक्ति की बयार: कल 29 मई को 'एक शाम श्री सोनाणा खेतलाजी के नाम' का होगा भव्य आयोजन







 



  राजगढ़ (धार)। श्री सोनाणा खेतलाजी भक्तमंडल, राजगढ़ द्वारा कल शुक्रवार, 29 मई 2026 को एक अत्यंत भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन 'एक शाम श्री सोनाणा खेतलाजी के नाम' के अंतर्गत विशाल भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। शिव वाटिका, राजगढ़ में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय भक्तों में भारी उत्साह है।

  यह गौरवमयी आयोजन श्री कुलदेवी माताजी, श्री कुलदेवता खेतलाजी बावजी एवं भक्त शिरोमणि स्व. श्री शांतिलालजी लादाजी भंडारी के आशीर्वाद तथा भक्तराज श्री राजराजेंद्र जी भंडारी के आदेश व मार्गदर्शन में संपन्न होगा। कार्यक्रम को भक्तराज श्री हिमेशजी नाहटा का पावन सानिध्य प्राप्त है।

भव्य वरघोड़े के साथ होगी शुरुआत

  भजन संध्या की पूर्वपीठिका के रूप में कल दोपहर माताजी मंदिर से एक भव्य वरघोड़ा (शोभा यात्रा) निकाला जाएगा। यह वरघोड़ा नगर के मुख्य मार्गों से होता हुआ उत्साहपूर्ण वातावरण में मेला मैदान स्थित शिव वाटिका प्रांगण पहुंचेगा। इस दौरान मार्ग में विभिन्न समाजसेवियों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। इस आयोजन का उद्देश्य केवल भक्तिरस का संचार करना ही नहीं, अपितु जनकल्याण और समाज को सही दिशा प्रदान करना भी है। भजन संध्या के दौरान गुरु राजराजेंद्र भंडारी द्वारा कुलदेवी माताजी एवं कुलदेवता खेतलाजी बावजी की महिमा, स्थापना विधि, जाया-परणिया की जात और धार्मिक नियमों पर विशेष मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

भक्ति में चार चांद लगाएंगे ख्यातिनाम कलाकार

  भजन संध्या को संगीतमय बनाने के लिए राजस्थान की सुप्रसिद्ध भजन गायिका श्रीमती नीता नायक एंड पार्टी अपनी सुमधुर प्रस्तुतियां देंगी। संगीत की लय में दीपक राठौड़ (पाली) का विशेष योगदान रहेगा, जबकि मंच का कुशल संचालन प्रमोद परिहार (पाली) करेंगे। बाल कलाकार कृषिव बागरेचा (जोधपुर) और धर्मेंद्र सिंह व हेमासिंह की जोड़ी अपनी प्रस्तुतियों से भक्तिरस को चरम पर पहुंचाएंगे। साथ ही, अशोक बंजारा द्वारा 1008 दीपकों से भव्य महाआरती की जाएगी।

धर्मप्रेमी परिवारों का विशेष योगदान

  कार्यक्रम को सफल बनाने में अनेक धर्मपरायण परिवारों का विशेष योगदान है। आयोजन में संदीप कुमार जयप्रकाश बाफना परिवार (बरमंडल), कमलकुमार विमलचंद्र कांकरेचा परिवार (नालछा), सतन कुमार-संतोष कुमार चौरड़िया परिवार, दिलीप कुमार-मोतीलाल वागरेचा परिवार, संजय कुमार-प्रेमचंद्र नाहटा परिवार, कीर्तिलाल नेमभाई व्होरा परिवार (अहमदाबाद), जयंतिलाल मांगीलाल सराफ परिवार, विनोद कुमार-समरथमल छजलानी परिवार, प्रदीप कुमार-अंकुश कुमार दसेड़ा परिवार (जावरा) एवं श्री खेतल शांति भक्त परिवार द्वारा विभिन्न धार्मिक लाभ लिए गए हैं। प्रेरणादाता के रूप में श्री राजेंद्रजी भंडारी का विशेष सहयोग रहेगा।

  कार्यक्रम को व्यवस्थित बनाने में महेंद्र कुमार-अजय कुमार धोका परिवार (धार), शेखर कुमार-कालूसिंह राठौड़ परिवार (राजगढ़), मनीष कुमार-अशोक कुमार चंडालिया (कुशलगढ़), अनिकेत कुमार-संदिप कुमार जैन परिवार (कुक्षी) सहित समस्त खेतल भक्तों का महत्वपूर्ण सहयोग रहेगा।

भक्तमंडल की अपील

  भक्तमंडल ने सूचित किया है कि कार्यक्रम के दौरान जाजम की बोली भी लगाई जाएगी। साथ ही, सभी श्रद्धालुओं से विशेष अनुरोध किया गया है कि वे कार्यक्रम में काले रंग के वस्त्र धारण कर न आएं। भक्तमंडल ने राजगढ़ के समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुण्यमयी आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।



बायोग्राफी प्री-रिलीज़ में संगीत की वैश्विक मांग उभरने पर मेटा ने Eylsia Nicolas को BookKards बजट पर सलाह दी


नॉर्थ पाम बीच, फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका; मुंबई, महाराष्ट्र, भारत
रिकॉर्डिंग आर्टिस्ट, इन्वेंटर और डिजिटल पब्लिशिंग इनोवेटर Eylsia Nicolas ने भारत में अपने बुककार्ड्स पायलट के हिस्से के तौर पर अपनी बायोग्राफी “नॉट लाइक एनीवन एल्स” को प्री-रिलीज़ किया है, और मेटा इंडिया उन्हें टेस्ट रोलआउट के लिए बजट स्ट्रक्चर पर सलाह दे रहा है। इंटरैक्टिव बुक फॉर्मेट के साथ शुरुआती जुड़ाव मज़बूत रहा है, लेकिन ऑडियंस डेटा से पता चलता है कि उनके म्यूज़िक की डिमांड में और भी ज़्यादा तेज़ी आई है।
Eylsia Nicolas और BookKards

पिछले कुछ महीनों में, Eylsia के कंटेंट को भारत और फिलीपींस में 250 मिलियन से ज़्यादा व्यूज़ मिले हैं, जिसमें भारत में एक ही पोस्ट पर 100 मिलियन से ज़्यादा व्यूज़ शामिल हैं। साथ ही, उनके गाने “नेवर स्टॉप लविंग यू” का कंट्री वर्शन - जो असल में भारत के लिए हिंदी में रिकॉर्ड किया गया था - लगातार हफ़्तों तक ग्रूवर सिंगर सॉन्गराइटर चार्ट्स पर नंबर 1 ग्लोबल पोज़िशन पर रहा है।

Eylsia ने कहा, “मेरा मानना है कि लोग एक नई तरह की किताब के लिए तैयार हैं - कुछ ऐसा जो अडैप्टिव, पर्सनल और ज़िंदादिल हो, मेरी बायोग्राफी को शुरुआती रिस्पॉन्स मेरे लिए बहुत मायने रखता है, लेकिन नंबर्स ने यह भी दिखाया कि लोग म्यूज़िक से कितनी गहराई से जुड़ते हैं, और इससे मुझे और ज्यादा संगीत बनाने की प्रेरणा मिलती है।

Eylsia, जिन्हें पहले फेफड़ों और वोकल कॉर्ड्स की समस्या हुई थी, ने एक पेटेंटेड तकनीक की मदद से अपनी असली आवाज़ वापस हासिल की। अब वह ऐसी किताबें बना रही हैं जो हर रीडर के लेवल, भाषा और कॉग्निटिव स्टाइल के हिसाब से रियल टाइम में एडजस्ट हो जाती हैं।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि पढ़ने का भविष्य डायनैमिक होगा। मुझे उम्मीद है कि यह टेक्नोलॉजी ज़्यादा लोगों - खासकर स्पेशल नीड्स वाले बच्चों - को किताबों के लिए प्यार फिर से खोजने में मदद कर सकती है।

क्रिएटिव काम में AI की भूमिका पर, उन्होंने इंसानी दिशा और बदलाव पर ज़ोर दिया।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि AI बस एक साधन है, ज़रूरी यह है कि लोग इसे कैसे इस्तेमाल करते हैं । मुझे उम्मीद है कि हमारे स्कूल और संस्थान तेज़ी से आगे बढ़ेंगे ताकि हर कोई आने वाले मौकों का फ़ायदा उठा सके।

अपने म्यूज़िक करियर से पहले, Eylsia 14 साल की उम्र में आयरिश ओपन की सबसे कम उम्र की विनर थीं और बाद में चोट लगने से पहले उन्होंने US ओपन और विंबलडन में हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा, “मुझे कई बार खुद को बदलना पड़ा है, मेरा मानना है कि लोगों को सपोर्ट और गाइडेंस मिलना चाहिए ताकि उनके डर उन्हें आगे बढ़ने और बेहतर भविष्य बनाने में सहायक बने।

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बुककार्ड्स के बारे में
बुककार्ड्स एक पेटेंटेड डिजिटल पब्लिशिंग फ़ॉर्मेट है जो माइक्रो पेमेंट, शॉर्टफ़ॉर्म स्टोरीटेलिंग और भविष्य के AIadaptive कंटेंट को जोड़ता है। है। मोबाइल-फ़र्स्ट ऑडियंस के लिए डिज़ाइन किया गया, BookKards की मदद से क्रिएटर्स दिल को छू लेने वाली कहानियाँ पब्लिश कर सकते हैं और प्रशंसकों (fans) से सीधे रेवेन्यू कमा सकते हैं।

एल्सिया के बारे में
Eylsia Nicolas (लीजा पामिंतुआन) एक फिलीपीन-अमेरिकी गायक-लेखक, आविष्कारक, उद्यमी और पूर्व अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी हैं। उन्हें म्यूज़िक डिस्ट्रीब्यूशन टेक्नोलॉजी, लग्ज़री फैशन (Nicolas of Palm Beach) और WorldIPI के जरिए नई पब्लिशिंग तकनीक मे काम करने के लिए जानी जाती हैं। साल 2026 में उनके संगीत को दुनिया भर में 6 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया है। उनके पास कई तरह के आविष्कारों के अधिकार (पेटेंट) हैं, जैसे स्पेशल ऑडियो तकनीक, मेडिकल टेक्नोलॉजी, टेक्सटाइल, टेलीकम्युनिकेशन और कंज्यूमर प्रोडक्ट डिजाइन से जुड़ी नई तकनीकें भी शामिल हैं।

WORLDIPI.COM LLC के बारे में
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज़ इंटरनेशनल होल्डिंग्स, WORLDIPI.COM LLC, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी में दुनिया भर में लीडर है। यह डोनाल्ड स्पेक्टर की इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज़ और टेक्नोलॉजी को दिखाता है, जिन्हें दुनिया के सबसे ज़्यादा आविष्कार करने वाले आविष्कारकों में से एक कहा जाता है। कंपनी के पास मेडिसिन, एंटरटेनमेंट, कम्युनिकेशन, टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में सैकड़ों US और विदेशी पेटेंट हैं। मिस्टर स्पेक्टर ने कई बिलियन-डॉलर की इंडस्ट्रीज़ की शुरुआत की है।
 
वर्ल्ड IPI के प्रिंसिपल्स ने पहला हाइड्रोलिक एक्सरसाइज़र बनाया; बीजों के लिए पहला हाइपरबेरिक चैंबर और रात में रोशनी देने वाली पहली बॉल। ब्रिस्टल-मायर्स स्क्विब ने स्पेक्टर के पेटेंट्स के लिए एक अलग डिवीज़न बनाया, जिसमें पहला इलेक्ट्रॉनिक एयर फ्रेशनर, एरोमा डिस्क सिस्टम भी शामिल था।

स्पेक्टर के पेटेंट में लोकेशन-बेस्ड एडवरटाइजिंग के लिए पहला जाना-माना ऐप; साइबर ट्रांसलेशन सिस्टम के लिए पहला जाना-माना पेटेंट; वियरेबल बायोसेंसर मार्केट से पहले के पेटेंट, और सैकड़ों दूसरे पेटेंट और टेक्नोलॉजी भी शामिल हैं।

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राजगढ़ प्रीमियर लीग का शानदार समापन: रात 3 बजे तक चला खिताबी मुकाबला,विधायक ने सराहा खेल प्रेम






 


 राजगढ़ (धार)। राजगढ़ के सोसायटी ग्राउंड पर छह दिवसीय 'राजगढ़ प्रीमियर लीग' (RPL) का रोमांचक समापन मंगलवार देर रात हुआ। प्रतियोगिता का फाइनल मैच देर रात 3 बजे तक चला, जिसने दर्शकों को बांधे रखा। टूर्नामेंट के इस पहले संस्करण में क्षेत्र की 10 टीमों ने भाग लिया था, जो ₹51,000 की इनामी राशि जीतने के लिए मैदान में उतरी थीं।
  इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक प्रताप ग्रेवाल का आरपीएल कमेटी द्वारा प्रशस्ति पत्र और माला पहनाकर सम्मान किया गया। विधायक ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा, "आरपीएल की टीम ने क्षेत्र की युवा प्रतिभाओं को अपना हुनर दिखाने का जो मंच दिया है, वह वास्तव में तारीफ के काबिल है। इस लीग में बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग के माध्यम से कई नई प्रतिभाएं उभरकर सामने आई हैं।"
  विधायक ने क्रिकेट को एकता और भाईचारे का माध्यम बताते हुए कहा कि चाहे टीम कोई भी जीते,अंत में क्रिकेट की ही जीत होती है। उन्होंने इसी मैदान से निकलकर मध्य प्रदेश की नेशनल टीम तक पहुँचने वाली बेटी तमन्ना चौधरी रतनपुरा का विशेष उल्लेख किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
   टूर्नामेंट का सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा। क्वालीफायर-1 में साबरा इलेवन ने फायदा मार्ट को हराकर सीधे ग्रैंड फाइनल में जगह बनाई थी, जबकि एलिमिनेटर मुकाबले में श्योर प्ले और लंकेश 11 के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। अंतिम मुकाबले में साबरा इलेवन के देवेश दया ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाई और 'मैन ऑफ द मैच' का खिताब अपने नाम किया। वहीं, विपिन डांगी और देवेश दया की तूफानी बल्लेबाजी ने टीम को 101 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया, ओर फ़ायदा मार्ट को हराकर टीम ने फाइनल का खिताब अपने नाम किया ।
   विधायक ने आरपीएल कमेटी को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे ही टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

फुकेट के 'एंडामंडा वाटर पार्क' ने पर्यटकों के लिए पेश किए शानदार 'प्रीमियम अनुभव'

फुकेट, थाईलैंड

फुकेट द्वीप का सबसे बड़ा वाटर पार्क, 'एंडामंडा फुकेट', 1,00,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। इसका शानदार डिज़ाइन थाई पौराणिक कथाओं और अंडमान सागर की खूबसूरती से प्रेरित है।

'ट्रिपएडवाइजर ट्रैवलर्स चॉइस अवार्ड 2025' से सम्मानित और दुनिया के शीर्ष 100 पारिवारिक पर्यटन स्थलों (Trip Best Global Top 100 Family-Friendly Attractions) की सूची में अपनी जगह बनाने वाला 'एंडामंडा' रोमांच के शौकीन परिवारों और सुकून की तलाश में आए पर्यटकों को एक विश्व स्तरीय अनुभव प्रदान करता है।

 
25 आकर्षण, 36 स्लाइड, बोरियत की कोई गुंजाइश नहीं

थाई पौराणिक कथाओं पर आधारित पांच खास ज़ोन में बंटा 'एंडामंडा' हर तरह के पर्यटकों के लिए कुछ न कुछ खास पेश करता है:

36 स्लाइड लेन: दिल की धड़कन बढ़ा देने वाले सीधे ढलान से लेकर परिवार के साथ सुरक्षित और मज़ेदार राइड्स तक, यहाँ फुकेट में सबसे ज्यादा स्लाइड्स मौजूद हैं।

दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे लंबी 'लेजी रिवर' (Lazy River): 550 मीटर लंबी यह नदी आपको ट्रॉपिकल नज़ारों के बीच पूरे सुकून के साथ बहने का मौका देती है।

10,000 वर्ग मीटर का विशाल 'वेव पूल' (Wave Pool): यह पूल 3 मीटर तक ऊँची लहरें पैदा करता है व इसके रोमांचक झटकों का सामना करने के लिए तैयार रहें।

प्राइवेट कबाना (Cabanas) और वाटर विला: जो लोग आराम के पलों में लग्ज़री चाहते हैं, उनके लिए एयर कंडीशनिंग और रेस्ट रूम की सुविधा वाले प्राइवेट स्पेस मौजूद हैं।

खास 'किड्स ज़ोन': लाइफगार्ड्स और उम्र के हिसाब से सुरक्षित पानी के खेलों के साथ, यहाँ छोटे बच्चों के लिए एक अलग एडवेंचर की दुनिया है ।

 
सिर्फ स्लाइड नहीं- एक जीवंत सांस्कृतिक अनुभव

एंडामंडा हर दिन थाई विरासत को जीवंत करता है। यहाँ रोजाना होने वाले लाइव मनोरंजन में एक 'मुए थाई' (Muay Thai) शो और "द स्टोरी ऑफ एंडामंडा" शामिल है। यह संगीत, नृत्य और थाई लोक कथाओं का एक ऐसा रोमांचक लाइव प्रदर्शन है जो आपको दुनिया के किसी भी अन्य वाटर पार्क में देखने को नहीं मिलेगा । इस पार्क की पौराणिक मूर्तियां, पारंपरिक वास्तुकला और कथाओं पर आधारित पांच थीम वाले ज़ोन इसके हर कोने को घूमने और तस्वीरें खींचने के लिए बेहद खास बनाते हैं।

 
हर स्वाद के लिए बेहतरीन खाना

एंडामंडा में खाने-पीने के विकल्प सभी मेहमानों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। यहाँ आपको असली थाई व्यंजनों के साथ-साथ दुनिया भर के पसंदीदा खाने और शाकाहारी, हलाल तथा ग्लूटेन-फ्री विकल्प भी मिलेंगे। भारतीय पर्यटकों की पसंद का भी यहाँ खास ख्याल रखा गया है; पूरे परिवार को खुशहाल और ऊर्जा से भरपूर रखने के लिए यहाँ चिकन और वेजिटेबल समोसा, बटर चिकन व खुशबूदार बिरयानी भी परोसी जाती है। पूरे पार्क में कई रेस्टोरेंट फैले हुए हैं, इसलिए एक शानदार मील (भोजन) हमेशा आपके करीब ही होता है।

 
टिकट और पर्यटकों के लिए जानकारी

टिकट आधिकारिक वेबसाइट andamandaphuket.com  के जरिए ऑनलाइन उपलब्ध हैं। पार्क में एंट्री पक्की करने और बेहतरीन रेट्स पाने के लिए एडवांस बुकिंग करने की सलाह दी जाती है।

यहाँ बिताया गया एक पूरा दिन भी कभी काफी नहीं लगता। एंडामंडा सुबह खुलने से लेकर पार्क बंद होने तक पर्यटकों का उत्साह और ऊर्जा चरम पर बनाए रखता है।

अधिक जानकारी के लिए विज़िट करें:

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राजगढ़ में पेयजल संकट: पार्षदों ने सुधार के लिए सौंपा ज्ञापन







 



  राजगढ़ (धार) नगर परिषद क्षेत्र में पेयजल की बदहाल व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने मुख्य पालिका अधिकारी श्रीमती ज्योति सुनारिया को ज्ञापन सौंपा है। पार्षदों में रितु निलेश सोनी, कंकुबाई शंभू परवार, नितिन जैन (चिंटू), पंकज बारोड़, मुकेश खि्मुर, रमेशसिंह राजपूत और अंजली अजय जायसवाल ने संयुक्त रूप से नगर में पानी की आपूर्ति और गुणवत्ता में सुधार की मांग की है।
  जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि नगर में पानी की आपूर्ति को नियमित किया जाए और घोषित समय-सारणी का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो। पार्षदों ने शिकायत की है कि नलों के माध्यम से मिलने वाला पानी पीने योग्य नहीं है, इसलिए इसे तत्काल सुधार कर नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि पानी की कमी को पूरा करने के लिए नगर के उचित स्थानों पर नए ट्यूबवेल खुदवाए जाएं और जब तक जलापूर्ति की व्यवस्था सामान्य नहीं हो जाती, तब तक नगर में टैंकरों के जरिए नागरिकों को पीने का पानी वितरित किया जाए। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर धार और अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) सरदारपुर को भी भेजा है ताकि मामले में त्वरित कार्रवाई हो सके।